फ्रांस की कंपनी मधेपुरा में लगाएगी रेल इंजन कारखाना

लाइव सिटीज डेस्क: बिहार का कुशल और सस्ता श्रम अब विदेशी कंपनियों को भी यहां खींचकर लाने में सफल हो रहा है. तभी, फ्रांस की विश्वप्रसिद्ध रेल इंजन निर्माता कंपनी आॅल्सटॉम ने देश में करीब 800 हाई पावर के रेल इंजन बनाने के लिए मधेपुरा में रेल कारखाना लगाने का फैसला किया है. यह कारखाने की लागत करीब 20,000 करोड़ रुपये आने का अनुमान है. कारखाना इस साल सितंबर तक बनकर तैयार हो जाएगा.

आॅल्सटॉम की रणनीति के बारे में चर्चा करते हुए हुए कंपनी के एमडी, ट्रांसपोर्ट, भारत और साउथ एशिया भारत सल्होत्रा कहते हैं कि कंपनी, अभी तक रेलवे के लिए उत्पादों को अपनी आॅस्ट्रेलिया युनिट से भारत में आयात कर रही है. कंपनी अब भारत में बने रेल इंजनों को मिडिल ईस्ट में निर्यात करेगी. अभी फैक्ट्री बन रही है और इसका पहला हिस्सा इसी साल सितंबर तक तैयार हो जाने की उम्मीद है. हम इस प्लांट में बने हुए पहले इंजन को अगले साल तक ट्रैक पर ला देंगे. उन्होंने बताया कि फैक्ट्री में बना पहला इंजन सिर्फ नमूने के लिए होगा. जिसे हजारों किलोमीटर के कठिन टेस्ट और परीक्षाओं से गुजरना होगा. जबकि दूसरा और तीसरा इंजन भी सिर्फ कठिन परीक्षण के लिए ही होगा. यह रेल इंजन कारखाने के लिए आॅल्सटॉम और भारतीय रेलवे ने हाथ मिलाए हैं.

भारत सल्होत्रा बताते हैं कि कारखाने में बने चौथे रेलवे इंजन से रेल कारखाना पूरी क्षमता से काम करना शुरू कर देगा. तब हम हर साल सौ रेल इंजन बनाकर तैयार कर सकेंगे. पहले साल हम सिर्फ एक इंजन बनाएंगे जबकि दूसरे साल में चार इंजन और पांचवें साल से हम 100 इंजन हर साल बनाने की क्षमता हासिल कर लेंगे. इस कारखाने में बने इंजनों की क्षमता 12,000 हॉर्सपावर की होगी, जो देश में बने किसी भी इंजन से अधिक होगी.

पहले रेल इंजन के कुछ पुर्जों को बाहर से बनाकर लाया जाएगा और उन्हें असेंबल किया जाएगा. लेकिन बाद में उन्हें कारखाने में ही तैयार किया जाएगा. भारतीय रेलवे ने  आॅल्सटॉम से इंजन बनाने के लिए सन् 2035—36 तक कारखाना चलाने का करार किया है. जबकि कंपनी इसके बाद भी कई सालों तक इंजनों के मेंटीनेंस की सुविधाएं देती रहेगी. मधेपुरा प्रोजेक्ट की कुल लागत करीब 20 हजार करोड़ रुपये है जिसमें प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करीब 1200 करोड़ रुपये है.

बताते चलें कि आॅल्सटॉम कंपनी देश के शहरों की मेट्रो परियोजना के लिए मेट्रो ट्रेन भी बनाकर दे रही है. इन मेट्रो प्रोजेक्ट में चेन्नई, कोच्चि और लखनऊ मेट्रो शामिल हैं. अभी तक इन शहरों में मेट्रो ट्रेन की सप्लाई के लिए कंपनी आंध्र प्रदेश के श्रीसिटी में लगे कारखाने और आॅस्ट्रेलिया के आयातित पुर्जों से काम चला रही थी.

इस फैक्ट्री की क्षमता साल भर में मेट्रो ट्रेन के 240 वैगन बनाने की है और फैक्ट्री अपनी पूरी क्षमता से काम कर रही है.