GST रिटर्न फाइल करने की तारीख 30 सितंबर तक बढ़ी, विलंब शुल्क को घटाकर किया गया 9 फीसदी

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : पूरे विश्व समेत भारत में भी कोरोना क़हर बरपा रहा है. कोरोना संकट न सिर्फ मानव जाति के लिए बड़ा खतरा हो गया है बल्कि इस महामारी के कारण दुनिया भर की अर्थव्यवस्था के लिए भी बड़ा संकट उत्पन्न हो गया है. कोरोना वायरस के चलते दुनिया ठप हो गई है. इस महामारी से बचने के लिए कई देशों को लॉकडाउन घोषित करना पड़ा.

लॉकडाउन के कारण सभी कामकाज अपने निर्धारित समय सीमा पर नहीं हो पा रहे हैं. इस बीच भारत सरकार ने कारोबारियों के लिए कोरोना वायरस लॉकडाउन के चलते GST रिटर्न फाइल करने को लेकर राहत दी है.



सरकार ने फिस्कल ईयर 2018-19 के लिए GST रिटर्न फाइल करने की तारीख बढ़ाकर 30 सितंबर 2020 कर दिया है. फाइनेंस मिनिस्ट्री के रिवेन्यू डिपार्टमेंट के मुताबिक, कंपनी एक्ट 2013 के प्रावधानों के तहत रजिस्टर्ड लोग इलेक्ट्रॉनिक वेरिफिकेशन कोड के जरिए GSTR-3B पेश कर सकते हैं.

विलंब शुल्क को 12 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी किया गया

रिवेन्यू डिपार्टमेंट की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि कंपनी अधिनियम 2013 के प्रावधानों के तहत 21 अप्रैल 2020 से 30 जून 2020 के दौरान EVC के माध्यम से वेरीफाइड (सत्यापित) फॉर्म GSTR-3B के तहत रिटर्न फाइल करने की मंजूरी दी जाएगी. इसके पहले सरकार ने साल 2018-19 के लिए GST रिटर्न फाइल की तारीख 30 जून कर दी थी. इस दौरान फाइनेंस मिनिस्टर ने कहा था कि 5 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों से जीएसटी रिटर्न दाखिल करने में देरी पर कोई विलंब शुल्क, जुर्माना या ब्याज नहीं लिया जाएगा. वहीं अब देरी से रिटर्न फाइल करने के मामले में विलंब शुल्क को 12 फीसदी से घटाकर 9 फीसदी किया गया है.