सरकारी कर्मियों को केंद्र सरकार का झटका, नहीं मिलेगा परिवार नियोजन-आहार भत्ता

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प्रतीकात्मक फोटो

लाइव सिटीज डेस्क : सरकार वित्त सचिव अशोक लवासा की अध्यक्षता वाली ‘भत्तों पर समिति’ (सीओए) की कई सिफारिशों को स्वीकार कर रही है. जिनमें सरकारी कर्मचारियों के कई वर्गों को दिये जाने वाले कई अनुदान और आवंटन को समाप्त कर दिया गया है. इसके तहत अब केंद्र सरकार के कर्मचारियों को परिवार नियोजन भत्ता नहीं मिलेगा और कैबिनेट सचिव को मासिक मनोरंजन भत्ता नहीं मिलेगा. इसके अलावा कुछ चुनिंदा श्रेणियों के कर्मचारियों को दिया जाने वाले आहार, बाल कटाई और ‘टॉयलेट सोप’ भत्ते भी अब बंद हो जाएंगे. बता दें कि पहले कर्मचारियों को छोटे परिवारों के लिए प्रोत्साहित करने के लिहाज से वरिष्ठता के आधार पर 210 से 1000 रुपये प्रति महीने का परिवार नियोजन भत्ता दिया जाता है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल की 28 जून को हुई बैठक में भत्तों को संशोधित करने के फैसले को मंजूरी दी गई. इसके बाद छह जुलाई को औपचारिक आदेश जारी किया गया. सीओए ने सातवें केंद्रीय वेतन आयोग की रिपोर्ट का संदर्भ दिया था, जिसने केंद्र सरकार के कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों को दिए जाने वाले 196 भत्तों का अध्ययन किया था. सीओए ने 27 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. इसके बाद सरकार ने 34 संशोधनों के साथ उसकी सिफारिशों को स्वीकार करने का फैसला किया.

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कैबिनेट सचिव का मनोरंजन भत्ता भी बंद
कैबिनेट सचिव को मिलने वाला मासिक दस हजार रुपये का मनोरंजन भत्ता भी बंद कर दिया गया है. यह भत्ता प्रतिष्ठित आगंतुकों की खातिरदारी के लिए मिलता था.

गुप्त भत्ते भी नहीं मिलेंगे  
कैबिनेट सचिवालय में काम कर रहे अधिकारियों को दिये जाने वाले गुप्त भत्ते भी नहीं दिए जाएंगे. गोपनीय कागजातों से जुड़े काम करने और संवेदनशील जिम्मेदारियों को निभाने के लिए यह भत्ता दिया जाता था.

साइकिल और अंतिम संस्कार भत्ते जारी रहेंगे
साइकिल और अंतिम संस्कार के भत्ते समाप्त नहीं किए गए हैं. सातवें केंद्रीय वेतन आयोग ने इन्हें भी बंद करने की सिफारिश की थी. साइकिल के अधिक इस्तेमाल से जुड़े काम करने वाले कर्मचारियों को 90 रुपये का साइकिल भत्ता दिया जाता है.

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