पेट्रोल-डीजल के मामले में जल्द ही मिल सकती है बड़ी राहत

वित्त मंत्री अरुण जेटली (फाइल फोटो)

लाइव सिटीज डेस्क : पेट्रोल-डीजल के बारे में लोगों को जल्द ही बड़ी राहत मिल सकती है. इसे लेकर केंद्र सरकार कोई बड़ा फैसला ले सकती है. मीडिया रिपोर्ट की मानें तो जीएसटी के दायरे में पेट्रोल-डीजल को लाये जाने की उम्मीद है. इतना ही नहीं, इसके दायरे में एलपीजी को भी लाये जाने की उम्मीद है. इसी तरह के संकेत मंगलवार को केंद्रीय वित्तमंत्री अरुण जेटली के बयान से मिले हैं. इससे लोगों को उम्मीद जगी है.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने मंगलवार को पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स (पेट्रोल, डीजल और एलीपीजी) को जीएसटी व्यवस्था के तहत लाने का सुझाव का समर्थन किया है. उन्होंने राज्यसभा में कहा कि वे उम्मीद करते हैं कि इस पर राज्यों की भी सहमति होगी. राज्यसभा में विपक्षी सांसदों की ओर से पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी के तहत लाए जाने के सवाल के जवाब में जेटली बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि हम भी पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी के दायरे में लाने के पक्षधर है.



दरअसल राज्यसभा में पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने लोकसभा में पूछा कि अब तो बीजेपी की 19 राज्यों में सरकार है, इसके साथ ही केंद्र में भी सरकार बन गयी है. फिर पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को जीएसटी की व्यवस्था के तहत लाने में उसे कौन सी चीज से प्रॉब्लम हो रही है, जीएसटी काउंसिल इस मसले पर कोई ठोस डिसीजन लेगी या नहीं? इसी प्रश्न के जवाब में वित्त मंत्री जेटली ने कहा कि जीएसटी के ड्राफ्ट को पेश करते हुए यूपीए ने भी इसमें पेट्रोलियम प्रॉडक्ट्स को शामिल नहीं किया था. हम इस मसले पर राज्यों की सहमति का इंतजार करेंगे और हमें उम्मीद है कि हमें इस दिशा में कामयाबी मिलेगी.

गौरतलब है कि जीएसटी को लेकर पूरे देश में हौव्वा मचा हुआ है. इसे लेकर कई बार बावेला भी मचा. बाद में मीटिंग के बाद जीएसटी के स्लैब को कम किया गया. अब 28 प्रतिशत वाले स्लैब में लगभग 50 वस्तुएं ही दर्ज हैं. वहीं कई स्लैब को कम भी किया गया है. लेकिन जीएसटी के दायरे में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स के नहीं रहने से विपक्ष लगातार केंद्र सरकार पर हमलावर बना हुआ है. सड़क से लेकर सदन तक में इसे लेकर वह मामले को उछाल रहा है. बहरहाल मंगलवार को केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली के बयान के बाद लोगों को थोड़ी उम्मीदें जगी हैं.