GST : ई-पोर्टल पर घर बैठे देख स​केंगे कौन वाहन आ रहा पटना, कौन जा रहा छपरा…

लाइव सिटीज डेस्क : अभी देश में GST पूरी तरह छाया हुआ है. हालांकि यह लगभग क्लियर हो गया है कि कौन सामान सस्ता होगा और कौन महंगा. अब इस पर छोटे-छोटे स्तरों पर भी सरकार की ओर से लोगों को जागरूक किया जा रहा है. बिहार में भी GST को लेकर प्रशासनिक तैयारी पूरी कर ली गयी है. पटना में हुई बैठक में कहा गया कि इससे व्यापारियों को लाभ मिलेगा.

GST के लिए राष्ट्रीय पोर्टल बन रहा है. इसके लिए नियम बनाए जा रहे हैं. सामान कहां से कहां जा रहा है, उस पर सब दिखेगा. पटना के व्यापारी भी घर बैठे ही पोर्टल पर देख सकेंगे कि बाहर से सामान लेकर कौन-कौन वाहन आ रहे हैं. कौन वाहन कहां अटका हुआ है. कौन वाहन दूसरे जिले में जा रहे हैं. खास बात यह है कि एक जुलाई के बाद भी आवश्यकता अनुसार व्यापारी GST के तहत नया निबंधन करा सकते हैं.

पटना स्थित वाणिज्य विभाग की प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी की मानें तो GST में चेकपोस्ट का कोई प्रावधान नहीं है. ऐसे में एक जुलाई से GST लागू होने के बाद चेकपोस्ट काम का नहीं रह जायेगा. हां, ये चेकपोस्ट हटाए जायेंगे अथवा रहेंगे, इस पर 18 जून को होनेवाली बैठक में ही पता चलेगा. बता दें कि 18 जून को GST काउंसिल की बैठक होनेवाली है. गौरतलब है कि मंगलवार को इसी मुद्दे पर पटना में बैठक हुई थी. इसमें वाणिज्यकर मंत्री विजेंद्र प्रसाद यादव भी मौजूद थे.

बैठक में मंत्री ने बताया कि 75 लाख तक का सालाना व्यापार करने वालों के लिए कम्पाउंडिंग की व्यवस्था रहेगी, यानी उन्हें जीएसटी की बारीकियों में जाना नहीं पड़ेगा. उन्हें एक निर्धारित राशि टैक्स के रूप में देनी होगी. साथ ही 20 लाख तक के ईयरली बिजनेस करनेवालों को भी जीएसटी नहीं देना होगा. इसी तरह अन्य देशों में माल भेजने वालों को हार्मोनाइज्ड सिस्टम आफ नामेनक्लेचर (HSN) कोड लेना होगा. खास बात कि 1.5 करोड़ तक के बिजनेस के लिए HSN कोड की जरूरत नहीं है. हां, 1.5 करोड़ से 5 करोड़ तक के लिए दो अंकों और पांच करोड़ से अधिक के कारोबार के लिए चार अंकों का HSN कोड लेना जरूरी होगा.

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