सऊदी समेत 5 देशों ने तोड़े कतर से रिश्ते, जानें भारत पर कितना होगा असर

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लाइव सिटीज डेस्क : सऊदी अरब, बहरीन, मिस्र और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने सोमवार को कतर के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए हैं. इन देशों ने कतर पर आतंकवाद को सहयोग देने और उनके आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का आरोप लगाते हुए संबंध तोड़े हैं. समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, सऊदी अरब ने कतर के साथ जमीन, वायु और समुद्री संपर्क भी समाप्त कर दिए हैं. इसके चलते अरब जगत में राजनीतिक और आर्थिक संकट की स्थिति पैदा हो सकती है. खासतौर पर इससे नई आर्थिक मुश्किलें खड़ी हो सकती हैं क्योंकि चारों देशों ने चीन से जमीनी और समुद्री संपर्क को पूरी तरह खत्म करने का फैसला लिया है.

ऑइल मार्केट और भारत पर होगा क्या असर

क़तर में भारत के करीब 6 लाख 50 हजार लोग रहते हैं. भारत से कतर जाने पर संभवत: कोई असर नहीं पड़ेगा. क्योंकि फ्लाइट्स फारस की खाड़ी होकर दोहा जाती हैं. अगर सऊदी समेत कुछ देश कतर जाने वाली फ्लाइट्स पर बैन लगाते भी हैं, तो ये फारस की खाड़ी पर लागू नहीं होगा. लेकिन कतर में रहने वाले भारतीयों को सऊदी अरब, मिस्र, बहरीन, यमन और यूएई जाने में परेशानी हो सकती है.

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चारों देशों ने किसी तरह से कतर को एयरस्पेस औरपोर्ट्स देने से मना कर दिया है. भारतीयों को अगर इन देशों में जाना है तो कई देशों से घूमकर जाना होगा.

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अगर बिजनेस कि बात करें तो  पेट्रोनेट कंपनीमें फाइनेंस हेड आरके गर्ग के मुताबिक, “4 अरब देशों के कतर से रिश्ते खत्म करने का भारत पर कोई असर नहीं पड़ेगा.” बता दें कि पेट्रोनेट एलएनजी, भारत की सबसे बड़ी गैस इम्पोर्टर कंपनी है. ये हर साल 85 लाख टन एलएनजी खरीदती है और कतर से ही बिजनेस करती है.

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