7 परसेंट वस्तुओं पर नहीं लगेगा टैक्स, दूध व अनाज जीएसटी से बाहर

लाइव सिटीज डेस्क : जीएसटी काउंसिल ने दो दिनों की बैठक के पहले दिन ही 80 से 90 परसेंट वस्तुओं और सर्विसेज पर टैक्स तय कर दिये हैं. यह बैठक श्रीनगर में हो रही है. इसका समापन शुक्रवार को होगा. मालूम हो कि जीएसटी काउंसिल की बैठक को लेकर बिजनेस घरानों की नजर लगी हुई है. वहीं इसमें टैक्स निर्धारण को लेकर लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है. हालांकि जीएसटी एक जुलाई से लागू होगा.

जानकारी के अनुसार जीएसटी काउंसिल ने प्रस्तावित टैक्स को चार स्तरों पर रखा है. ये दरें 5, 12, 18 तथा 28 परसेंट हैं. सूत्रों की मानें तो इनमें डेली के इस्तेमाल की आवश्यक वस्तुओं पर 5 परसेंट की न्यूनतम दर रखी गयी है. बताया जाता है कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की अध्यक्षता वाली जीएसटी काउंसिल ने बैठक के पहले दिन वस्तु एवं स​सर्विस टैक्स व्यवस्था के तहत नियमों को भी मंजूरी दी है. गौरतलब है कि काउंसिल में सभी राज्‍यों के वित्त मंत्री या उनके प्रतिनिधि शामिल हैं.

सूत्रों की मानें तो चार प्रकार से तय टैक्स की कैटेगरी को इस तरीके से फिटमेंट किया गया है कि लोगों पर नया टैक्स का बोझ नहीं बढ़े. ऐसे में वस्तुओं और सेवाओं को उनके ऊपर इस समय लागू उत्पाद शुल्क, वैट या सर्विस टैक्स को ध्यान में रखकर जीएसटी की विभिन्न दरों के साथ जोड़ा जा रहा है.

मीडिया में आ रही रिपोर्ट के अनुसार जीएसटी से जुड़े 9 में से 7 नियमों को ग्रीन सिगनल दे दिया गया है. वित्त मंत्री अरुण जेटली के अनुसार बाकी 2 नियमों को लीगल कमेटी देख रही है, उस पर भी शुक्रवार को फैसला हो जायेगा. जेटली ने यह भी भरोसा दिया है कि जीएसटी से महंगाई नहीं बढ़ेगी.

जानकारी के अनुसार कुल 1,112 वस्तुओं की दरें तय की जा चुकी हैं. 7 परसेंट वस्तुओं पर कोई टैक्स नहीं लगेगा. 17 परसेंट वस्तुओं पर 12 परसेंट टैक्स लगेगा. इसी तरह 81 परसेंट वस्तुओं पर 18 परसेंट या इससे कम टैक्स देना होगा. वहीं 19 परसेंट वस्तुएं 28 परसेंट के ढांचे में रखी गयी हैं.

खास बात कि अनाज और दूध को जीएसटी के दायरे से बाहर रखा गया है. वहीं चाय, कॉफी, चीनी और मसाले, प्रोसेस्ड फूड को 5 परसेंट टैक्स के दायरे में शामिल किया गया है. बताया जा रहा है कि जीएसटी लागू होने के बाद अनाज सस्ते हो सकते हैं.

मालूम हो कि विभिन्न राज्‍यों के वित्त मंत्रियों ने रेशमी धागे, पूजा की सामग्री और हस्तशिल्प उत्पादों को जीएसटी दरों में छूट की मांग की है. हालांकि, केंद्रीय वित्त मंत्री जेटली का मानना है कि जीएसटी के तहत न्यूनतम छूट दी जानी चाहिए और यह आवश्यक होने पर ही दी जानी चाहिए.

जीएसटी राष्ट्रीय बिक्री कर होगा, जो वस्तुओं के उपभोग या सेवाओं के इस्तेमाल पर लगाया जाएगा. यह 16 मौजूदा शुल्‍कों और करों का स्थान लेगा.

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