इस साल 20000 लोगों को नौकरी देगा इन्फोसिस, छंटनी की खबरें अफवाह

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लाइव सिटीज डेस्क : देश की दूसरी सबसे बड़ी आइटी कंपनी इंफोसिस इस साल 20 हजार लोगों की नियुक्ति करेगी. केवल 400 कर्मचारियों को ही प्रदर्शन के आधार पर कंपनी छोड़ने के लिए कहा गया है. इंफोसिस के मुताबिक, मीडिया रिपोर्टो में छंटनी की बात को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है. इंफोसिस के सीओओ यूबी प्रवीण राव ने कहा कि प्रौद्योगिकी आधारित बदलाव इंफोसिस जैसी कंपनियों के लिए नए अवसर प्रदान करते हैं.

ये बयान ऐसे समय आए हैं जब आइटी सेक्टर में बड़े पैमाने पर छंटनी की रिपोर्टे आ रही हैं. विप्रो, इंफोसिस, कॉग्निजेंट और टेक महिंद्रा जैसी प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों ने सालाना प्रदर्शन की समीक्षा शुरू की है. इस प्रक्रिया के जरिये कमजोर कर्मचारियों की छंटनी की जाती है.

फिलहाल राव ने इंफोसिस के सह-संस्थापक एनआर नारायणमूर्ति के विचारों पर टिप्पणी करने से मना कर दिया. मूर्ति ने कहा था कि अगर वरिष्ठ अधिकारी अपने वेतन में कटौती कराने को तैयार हों तो युवाओं की नौकरियां बचाई जा सकती हैं. वेतन कटौती से होने वाली बचत कर्मचारियों को पुनप्र्रशिक्षित करने में लगाई जानी चाहिए. प्रसाद ने भी जोर देकर कहा कि टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज और इंफोसिस जैसी आइटी कंपनियां बड़ी संख्या में नियुक्ति जारी रखेंगी.

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राव ने इंफोसिस के को-चेयरमैन रवि वेंकटेशन के साथ शुक्रवार को सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद से मुलाकात की. करीब आधे घंटे चली बैठक के बाद राव ने बताया कि छंटनी के संबंध में सभी बातें बढ़ा-चढ़ाकर की जा रही हैं. प्रदर्शन के आधार पर हर साल ऐसा होता है. यह संख्या वास्तव में 300-400 है. इसमें कुछ नया नहीं है. कंपनी ज्यादा रोजगार तैयार कर रही है. उसकी और लोगों को जोड़ने की तैयारी है. सिर्फ कुछ लोगों की ही नौकरी जाएगी. वह भी केवल प्रदर्शन के आधार पर होगा.

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