GST इफेक्टः अब फ्लैट खरीदना होगा सस्ता लेकिन मेंटेनेंस होगा महंगा

लाइव सिटीज डेस्क/पटनाः  देश में 1 जुलाई से GST को लागू होने की घोषणा हुई है. इसके बाद खाने-पीने के सामान जहां सस्ते होंगे. वहीं सर्विस टैक्स में इजाफा होने की वजह से फ्लैट का मेंटेनेंस खर्च भी 2.50 फीसदी महंगा हो जाएगा. इसके तहत 5 हजार रुपये से अधिक मेंटनेंस शुल्क चुकाने वालों के ऊपर ही इसे लागू किए जाने की बात कही गई है. लेकिन मेंटनेंस शुल्क की यह सीमा हर माह या सालाना आधार पर है इसकी चर्चा नहीं है.

मकानों की कीमत घटने की उम्मीद

रखरखाव का खर्च बढ़ने के बावजूद जीएसटी की वजह से मकानों की कीमत घटने की उम्मीद की जा रही है क्योंकि तैयार मकान या फ्लैट पर पहले से कम सेवा कर चुकाना होगा. साथ ही सीमेंट आदि सस्ता होने से भी असर होगा. हालांकि, सीमेंट विनिर्माता संघ (सीएमए) ने कहा है कि जीएसटी के तहत सीमेंट को सबसे ऊंचे 28 परसेंट के कर स्लैब में रखकर सीमेंट और आवास खंड में वृद्धि बढ़ाने का अवसर गंवा दिया है. हालांकि, आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि सीमेंट पर 28 फीसदी जीएसटी के बावजूद वर्तमान टैक्स के मुकाबले कर का बोझ तीन फीसदी कम होगा. वर्तमान में सीमेंट पर सभी तरह के कर को मिलाकर अंतिम दर 31 फीसदी है.

जीएसटी में सेवा कर की दर 18 फीसदी रखी गई है. वर्तमान में इसकी दर 15.5 फीसदी है. इसमें 0.50 फीसदी का स्वच्छ भारत उपकर भी शामिल है. जीएसटी के तहत फ्लैट के मेंटनेंस शुल्क पर सेवा कर की नई दर बिजली,पानी और संपत्ति कर पर लगने वाले सेवा कर से अलग होगी. यह सीधे तौर पर फ्लैट पर मालिकाना हक रखने वालों पर लगेगा.

किसी रिहायसी परियोजना या कॉलोनी में रेजिडेंस वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) रखरखाव का जिम्मेदारी उठा रही है तो उससे भी 18 फीसदी दर से सेवा कर वसुला जाएगा. हालांकि, सालाना 20 लाख रुपये से अधिक राजस्व वाली आरडब्ल्यूए से ही सेवा कर लिया जाएगी. जीएसटी से फ्लैट का मेंटनेंस भले ही महंगा हो जाएगा. लेकिन इससे फ्लैट या मकान खरीदना पांच फीसदी तक सस्ता हो सकता है. रीयल एस्टेट परियोजनाओं में तैयार मकान पर सेवा कर की दर 12 फीसदी रखी गई है.

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