हजारों एंप्लॉयीज हो सकते हैं बेरोजगार, माइक्रोसॉफ्ट में छंटनी की मार!

लाइव सिटीज डेस्क : माइक्रोसॉफ्ट जल्द ही नौकरियों में कटौती करने की तैयारी में है. दरअसल माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड कम्प्यूटिंग पर आधारित सॉफ्टवेयर पर काम कर रहा है जिसके चलते कंपनी में काम कर रहे लोगों की संख्या में कमी की जा सकती है. माइक्रोसॉफ्ट के प्रवक्ता ने बताया कि माइक्रोसॉफ्ट अपने कस्टमरों और पार्टनरों को बेहतर सुविधा दे सकें इसलिए कई बड़े बदलाव किए जा रहे हैं. माइक्रोसॉफ्ट के चीफ एक्सीक्यूटिव सत्य नडेला जल्द ही इस दिग्गज कंपनी को सॉफ्टवेयर से हटाकर क्लाउड कम्प्यूटिंग बिज़नेस सर्विसेस बनाने के पक्ष में हैं.


सत्य नडेला ने अपनी कंपनी की इस साल के शुरुआती तीन महीने की कमाई के बारे में बताते हुए कहा था कि बड़ी मल्टीनेशनल कंपनियों से लेकर मीडियम और छोटे संगठन तक अपने डिजिटल रूपांतरण को शक्ति देने के लिए माइक्रोसॉफ्ट के क्लाउड प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे हैं. क्लाउड सर्विस पर कर रही माइक्रोसॉफ्ट कंपनी अपने प्रबंधन को रिस्ट्रक्चर करने की योजना पर बेहद ही गंभीरता से काम कर रही है. आपको बता दें पिछले साल जुलाई में कंपनी ने कुल 2,850 नौकरियां कम करने की घोषणा की थी. इसी योजना के तहत माइक्रोसॉफ्ट की तरफ से जनवरी में कहा था कि उसकी योजना 700 नौकरियों को कम करने की है.

आपको बता दें कि भारत सरकार ने माइक्रोसॉफ्ट से लेटेस्ट विंडोज 10 ऑपेरेटिंग सिस्टम के अपग्रेड पर डिस्काउंट देने का अनुरोध किया है. भारत में माइक्रोसॉफ्ट कॉर्पोरेशन 50 मिलियन से अधिक विंडोज उपयोगकर्ताओं को वन टाइम डील की पेशकश कर रहा है. इस पेशकश में यूजर रैनसमवेयर जैसे हमले से बचने के लिए अपने विंडोज 10 को लेटेस्ट विंडोज 10 ऑपरेटिंग सिस्टम में अपग्रेड कर सकेंगे.

भारत में 50 मिलियन से ज्यादा विंडोज यूजर हैं, जिनमें से कई ऐसे हमलों के लिए कमजोर हैं, क्योंकि विंडोज अपग्रेड करने के लिए पैसों का भुगतान करना पड़ता और हर कोई भुगतान करना नहीं चाहता. भारत सरकार को उम्मीद है कि कंपनी सॉफ्टवेयर को कम कीमत में प्रदान करेगी. विंडोज 10 होम को वर्तमान में भारत में 7,999 रुपये में खरीदा जा सकता है, जबकि सॉफ्टवेयर का प्रो संस्करण आमतौर पर बड़ी कंपनियों और संस्थाओं द्वारा इस्तेमाल किया जाता है, जिसकी कीमत 14,999 रुपये है.

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