पतंजलि के उत्पादों पर 12 फीसदी GST, बाबा रामदेव नाराज

लाइव सिटीज डेस्क : अभी हाल ही में वस्तु एवं सेवाकर (GST) परिषद की ओर से करीब 1211 वस्तुओं के साथ पतंजलि के उत्पादों पर 12 फीसदी टैक्स लगाने के बाद योग गुरु बाबा रामदेव नाराज हो गये हैं.  योग गुरु बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि का कहना है कि वह आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट्स पर 12 पर्सेंट GST लगाने के फैसले पर दोबारा विचार करने के लिए सरकार को पत्र लिख रही है. अभी इन प्रॉडक्ट्स पर 5 पर्सेंट टैक्स लगता है. पतंजलि आयुर्वेद के प्रवक्ता एस. के. तिजारावाला ने इकनॉमिक टाइम्स को बताया, ‘हम आम आदमी के हित में सरकार से आयुर्वेदिक कैटिगरी के लिए GST रेट पर दोबारा विचार करने का निवेदन कर रहे हैं. अच्छी सेहत या अच्छे जीवन के बिना अच्छे दिन नहीं आएंगे.’



बाबा रामदेव ने बताया था कि पतंजलि का टूथपेस्ट में 9 पर्सेंट और हेयर ऑयल में 8 पर्सेंट मार्केट शेयर है. पतंजलि की ओवर-द-काउंटर यूनिट दिव्य फार्मेसी ने कंपनी की कुल सेल्स में 8 पर्सेंट का योगदान दिया है. आयुर्वेदिक सेगमेंट में पतंजलि की बड़ी सफलता के बाद अधिकतर बड़ी कंज्यूमर गुड्स कंपनियों ने अपने पोर्टफोलियो में आयुर्वेदिक प्रॉडक्ट्स को शामिल किया है. अधिक GST रेट के कारण प्रभावित होने वाली अन्य कंज्यूमर गुड्स कंपनियों में डाबर और इमामी शामिल हैं.

गौरतलब है कि योग गुरु बाबा रामदेव की पतंजलि की ओर से आयुर्वेद उत्पाद और स्वदेशी वस्तुओं के तौर पर भारत के बाजारों में टूथपेस्ट से लेकर शैंपू-बिस्कुट तक की बिक्री की जाती है. कंपनी के प्रवक्ता तिजारावाला का कहना है कि कंपनी मुनाफा कमाने के लिए नहीं, बल्कि आम आदमी के लिए किफायती दामों पर इलाज और देखभाल के लिए बाजार में स्वदेशी वस्तुओं की बिक्री करती है. उन्होंने बाबा रामदेव की ओर से कहा कि आयुर्वेदिक उत्पाद पर लगने वाला अधिक GST दर निराश करने वाला है. हम उन लोगों में से हैं, जिन्होंने उपभोक्ताओं के लिए किफायती दामों पर आयुर्वेद को फायदेमंद बनाया है. अब इस रास्ते पर अन्य कंपनियां चल रही हैं.

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