RBI ने घटाईं ब्याज दरें, सस्ते कर्ज की उम्मीद बढ़ी

लाइव सिटीज डेस्क :  भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल की अध्यक्षता में आज छह सदस्यीय मौद्रिक नीति समिति (एमपीसीसी) ने रीपो रेट और रिवर्स रीपो रेट में 0.25% कटौती का ऐलान किया. इसमें मुख्य नीतिगत दर रीपो घटकर 6 प्रतिशत पर आ गया है जो पिछले साढ़े छह साल का न्यूनतम स्तर है. वहीं, रिवर्स रीपो रेट घटकर अब 5.75 प्रतिशत पर आ गया है. इससे लोन की ईएमआई पर सीधा असर पड़ने वाला है. हालांकि, यह बैंकों पर निर्भर करता है कि वो इसका कब तक और कितना लाभ आपको देंगे.


बता दें कि रेपो रेट घटने से आम आदमी से लेकर कंपनियों पर कर्ज का बोझ कम हो जाएगा. रेपो रेट घटने से 20 साल के लिए 30 लाख रुपए के होम लोन पर आपको ब्याज के रूप में कुल मिलाकर 1.14 लाख रुपए कम चुकाने होंगे. इसका मतलब साफ है कि आपको इतने रुपए का फायदा होगा.

आरबीआई का वित्त वर्ष 2018 के लिए जीवीए अनुमान 7.3 फीसदी पर कायम है. आरबीआई का अनुमान है कि रिटेल महंगाई दर 4 फीसदी के आसपास रह सकती है. 18-24 महीने में रिटेल महंगाई दर 1 फीसदी बढ़ सकती है. आरबीआई के मुताबिक कर्ज माफी से वित्तीय घाटा बढ़ने का अनुमान है.

ब्याज दरें घटने से आप पर कम हो जाएगा लोन का बोझ
आरबीआई के इस फैसले के बाद अगर बैंक अपनी ब्याज दरें 0.25 फीसदी तक कम करते हैं तो 20 साल के लिए गए 30 लाख रुपए के होम लोन पर 8.25 फीसदी की दर से कुल 31,34,873 रुपए ही देने होंगे. जबकि फिलहाल 8.5 फीसदी की दर से 30 लाख रुपए के होम लोन पर ब्याज के साथ आपको 32,48,327 रुपए चुकाने पड़ रहे हैं.

ब्याज दरें घटने से इन्‍हें होगा फायदा
सबसे अधिक कर्ज केंद्र और राज्य सरकारें लेती हैं. उन्हें ब्याज दरों में कटौती से काफी लाभ होगा. कई कंपनियों को भी इससे राहत मिलेगी. कई ऐसी कंपनियां भी हैं, जिनकी हालत इतनी खराब हो चुकी है कि ब्याज दरों में कटौती से भी उनमें जान फूंके जाने की उम्मीद नहीं दिख रही है. वहीं, कई ऐसी कंपनियां हैं, जिनमें ब्याज दरों में कटौती से नई जान लौट सकती है.

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