245 नाकारा टैक्स कमिश्नर का IT ने किया तबादला

लाइव सिटीज डेस्क : आयकर कमिश्नर के ट्रांसफर और पोस्टिंग के इतिहास की सबसे बड़ी कार्रवाई को आयकर विभाग ने हकीकत बना दिया है. केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने देश भर के 245 आयकर कमिश्नर का तबादला कर दिया है. महत्वपूर्ण पद माने जाने वाले आयकर ​कमिश्नर के पद से तबादले का आधार तैनाती की जगह और कमजोर परफॉरमेंस को बनाया गया है. दो साल से अधिक एक स्थान पर तैनात रहने वाले अफसरों का भी तबादला कर दिया गया है, लिस्ट में उनके भी नाम हैं जो सतर्कता विभाग की रिपोर्ट के अनुसार ईमानदार नहीं हैं या फिर अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे हैं.

12 जुलाई को अपने टॉप अफसरों के लिए बोर्ड ने निर्देश जारी किए थे. केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने आयकर विभाग के रीजनल प्रमुखों से जानकारी तलब की थी कि उनके क्षेत्र में टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए क्या रणनीति बनाई जाए? कैसे खुफिया जानकारी का इस्तेमाल टैक्स की बढ़ोत्तरी के लिए किया जा सकता है? सिर्फ बीते साल भर में आयकर विभाग ने 91 लाख नए करदाताओं का पंजीकरण किया है. केन्द्रीय प्रत्यक्ष बोर्ड ने कहा है कि केन्द्रीय कार्यालय से प्राप्त खुफिया जानकारी के बाद उम्मीद थी कि अफसर इस जानकारी का इस्तेमाल करते हुए काला धन का खुलासा करेंगे और छापेमारी की संख्या में बढ़ोत्तरी करेंगे.

बोर्ड के चेयरमैन सुशील चन्द्रा ने बताया कि उन्होंने आला अफसरों के साथ बैठक की. बैठक में प्रांत की रिपोर्ट और कर आधार में प्रगति की समीक्षा की. इस प्रक्रिया को अक्टूबर में शुरू किया गया था और अभी तक इसे नियमित आधार पर किया जा रहा है. तभी से लेकर अब तक उन्होंने तमाम वरिष्ठ अधिकारियों और जोनल प्रमुखों को काम की मासिक रिपोर्ट दाखिल करने के लिए ​कहा था. जीएसटी आने के बाद विभाग को उम्मीद है कि अब करदाताओं की संख्या में बढ़ोत्तरी होगी और जीडीपी के स्तर में भी सुधार आएगा.

चन्द्रा ने प्रिंसिपल चीफ कमिश्नर स्तर के अधिकारियों के साथ बैठक भी की थी. बैठक में उन्हें बताया गया था कि चालू वित्त वर्ष में उन्हें टैक्स वसूली बढ़ाने के लिए कहा गया है. कर वसूली में बढ़ोत्तरी लाना ही केन्द्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड का प्रमुख मकसद है. उन्होंने कहा कि यह संगठित और असंगठित क्षेत्र में हो रही आर्थि​क गतिविधि पर नजर बनाए रखने से ही संभव है.

आयकर विभाग के निशाने पर फिलहाल टीयर—2 और टीयर—3 में आने वाले शहर के ​करदाता हैं.