लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : देश में लगातार अर्थव्यवस्था में गिरावट देखी जा रही है. जीडीपी में भी गिरावट है. देश के अर्थशास्त्री लगातार कह रहे हैं कि देश की वित्तीय हालत अच्छी नहीं है. विपक्ष भी देश की अर्थव्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी समेत अन्य मुद्दों को लेकर सरकार पर निशाना साधता है. हालांकि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने इसको लेकर स्थिति साफ की है और कहा कि ये बातें ग़लत हैं.

उन्होंने अर्थव्यवस्था के संकट में होने के विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए स्पष्ट कदमों के कारण अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और आर्थिक क्षेत्र में शुरुआती उछाल दिखाई दे रहा है.

अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है

लोकसभा में 2020-2021 के केंद्रीय बजट पर चर्चा के दौरान जवाब देते हुए निर्मला सीतारमण ने कहा कि, ‘मुद्रास्फीति औसतन 4.8 प्रतिशत रही है, फैक्ट्री उत्पादन बढ़ा है, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और विदेशी मुद्रा भंडार बढ़ा है, जीएसटी राजस्व संग्रह बढ़ा है और यह पिछली तिमाही में हर महीने एक लाख करोड़ रुपये से अधिक ही रहा है. आर्थिक क्षेत्र के हर मानदंडों पर अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है.’

सक्षम डॉक्टरों की देख-रेख में हो रहा प्रबंधन

आगे उन्होंने कहा कि ‘अर्थव्यवस्था संकट में नहीं है. सरकार द्वारा उठाए गए स्पष्ट कदमों के कारण अर्थव्यवस्था आगे बढ़ रही है और आर्थिक क्षेत्र में शुरुआती उछाल दिखाई दे रहा है. लेकिन विपक्ष इसे स्वीकार करने को तैयार नहीं है.’ उन्होंने कहा कि सरकार ने आर्थिक क्षेत्र को गति प्रदान करने के लिए चार इंजनों पर काम को आगे बढ़ाया है जिसमें निजी उपभोग को बढ़ाना, सार्वजनिक एवं निजी निवेश बढ़ाना तथा निर्यात बढ़ाना शामिल है. सीतारमण ने कहा, ‘अर्थव्यवस्था का प्रबंधन काफी सक्षम डॉक्टरों की देख-रेख में हो रहा है.’

रबी और खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया

वित्त मंत्री ने राष्ट्रीय आधारभूत पाइपलाइन परियोजना का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार आधारभूत ढांचे के विकास के लिए 2024-25 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक राशि निवेश करेगी. उन्होंने कहा कि सरकार ने सार्वजनिक एवं निजी निवेश को बढ़ावा देने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं. साथ ही उपभोग बढ़ाने की दिशा में भी पहल की है.

सीतारमण ने कहा कि उपभोग बढ़ाने के लिए 2019-20 में सभी निर्धारित रबी और खरीफ फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाया गया है. रोजगार वृद्धि की दिशा में सरकार के कदमों का जिक्र करते हुए वित्त मंत्री ने प्रधानमंत्री रोजगार सृजन योजना, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, दीनदयाल अंत्योदय योजना, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत रोजगार के आंकड़ों का उल्लेख किया.

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