बदल जाएगी बिहार की किस्मत, खुले में शौच मुक्त होगा बिहार

लाइव सिटीज डेस्क : आज पटना में लोहिया स्वच्छ भारत अभियान, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार सरकार  और यूनिसेफ बिहार के  सहयोग से 50 से जयादा प्रमुख रेडियो जॉकी और रेडियो कंटेंट बनानेवालों के साथ चलो चंपारण- सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला की शुरूआत यूनिसेफ बिहार के वाश विशेषज्ञ, प्रवीन संतोष मोरे, संचार विशेषज्ञ निपुंण गुप्‍ता यूनिसेफ दिल्‍ली से आई संचार पदाधिकारी सोनिया सरकार, जीविका की प्रोजेक्‍ट कार्डिनेटर, जीविका महुआ राय चौधरी, वरीय रेडियो कंसलटेंट और प्रशिक्षक सिमरन कोहली, आर जे राहुल, वाश पदाधिकारी राजीव कुमार एंव अन्‍य गणमान्‍य अतिथियों की उपस्‍थ्‍िति मे दीप जला कर किया गया.

 महात्मा गांधी के चंपारण सत्याग्रह के सौ वर्ष बाद बिहार एक और अभियान का गवाह बनने जा रहा है. सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह के नाम से शुरू किए गए इस अभियान के दौरान  देश के अलग राज्‍यो से आएं 10,000 स्वच्छाग्रहियों के साथ दस हजार स्थानीय स्वच्छाग्रही बिहार के सभी पंचायतों में लोगों को शौचालय निर्माण, स्वच्छता और साफ सफाई के लिए प्रेरित करेंगे.

इस संदर्भ में यह अपनी तरह की पहली रेडियो कार्यशाला हैं जिसमें सरकार, निजी और सामुदायिक रेडियो के प्रतिनिधियों ने रेडियो सत्‍याग्रही बनने को प्रण लिया. कार्यशाला को संबोधित करते हुए जीविका की प्रोजेक्‍ट कार्डिनेटर, महुआ राय चौधरी ने कहा कि गांवो को स्‍वच्‍छ करने में व्‍यवहार परिर्वतन की भूमिका बहुत ही महत्‍वपूर्ण है और इसमे रेडियों का रोल बहुत ही अहम है. हमारा लक्ष्‍य केवल शौचालय निमार्ण नहीं बलिक लोगों को शौचालय के प्रयोग के लिए प्रेरित करना और इसको लोगों के व्‍यवहार में शामिल करवाना है. सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह अभियान के बारे में बताते हुए उन्‍होनें कहा कि तीन से आठ अप्रैल तक चलने वाले इस अभियान में स्वच्छाग्रही लोगों को शौचालय निर्माण, स्वच्छता और साफ सफाई के लिए प्रेरित करेंगे. 10 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी चंपारण के मोतिहारी के गांधी मैदान में सभी स्वच्छाग्रहियों को संबोधित करेंगे.

यूनिसेफ और आरओआई के पहल रेडियो फारॅ चाइल्‍ड के बारे बताते हुए यूनिसेफ दिल्ली की संचार पदाधिकारी, सोनिया सरकार ने कहा कि बच्‍चों को सैनिटेशन के लिए चलाए जा रहे सामाजिक मूवमेंट में भागीदार बनाया जाएं. उन्‍होनें कहा कि रेडियो फारॅ चाइल्‍ड बच्‍चों की बेहतरी के लिए आवाज उठाने वाला एक फोरम हैं.पहले यह टीकाकरण पर केंद्रित था पर अब इसके माध्‍यम से हम शौचालय के संदेशों को भी लोगों तक पंहुचाएंगे. स्‍वच्‍छता सीधे बच्‍चों क सेहत से जुडा है. यह बच्‍चों में नाटापन के साथ ही बच्‍चों की मौतों की दो मुख्‍य वजहों डायरिया और निमोनिया का भी कारण है. उन्‍होनें रेडियो फारॅ चाइल्‍ड अवार्ड के बारे मे बताते हुए कहा कि सितंबर में इसका आयोजन मु्ंबई में किया जाएगा और उन्‍होनें इसके लिए रेडियो के लोगों को ज्‍यादा से ज्‍यादा स्‍वच्‍छता से जुडे कंटेट जेनरेट करने की अपील की.

संचार विशेषज्ञ निपुंण गुप्‍ता ने कहा कि चंपारण के सत्‍याग्रह के बारे में बताने की जरूरत नहीं . आज हम सब एक नए सत्‍याग्रह की तैयारी में है. रेडियो एक चमत्‍कारी और शक्‍तिशाली माध्‍यम है.  कार्यशाला के लक्ष्‍य के बारे में बताते हुए उन्‍होनें कहा कि इसकर उद्देश्य प्रतिभागियों को चलो चंपारण- सत्याग्रह से स्वच्छाग्रह मुहिम के बारे में जागरूक करना, सैनिटेशन के क्षेत्र में बिहार की प्रगति के बारे में बताना और अपने चैनलों/स्‍टेशनों के माध्‍यम से लोगों को स्‍वच्‍छता और शौचालय के महत्‍व के बारे में जागरूक कर उनहें इस पहल से जोडना हो. ताकि हर व्‍यिक्‍त बिहार को खुले में शौच मुक्‍त बनाने में अपना सहयोग दे सकें.

लोहिया स्वच्छ बिहार अभियान  के तहत  बिहार की खुले में शौच से मुक्ति की प्रगति के बारे में बताते हुए प्रवीण संतोष मोरे ने कहा कि बिहार में 2014 में केवल 22 से 23 प्रतिशत घरों में ही शौचालय था जो चार सालों में बढ कर लगभग 49 प्रतिशत हो गया है. बक्सर, नालंदा, पटना, जहानाबाद, शेखपुरा, गया, अररिया, रोहतास,शिवहर, सीतामढ़ी, पूर्बी चंपारण, खगडिया, भोजपुर, कैमूर और मुंगेर  ऐसे जिलें हैं जहां शौचालय की उपलब्धता ५०% से अधिक है. बिहार के रोहतास में 99 प्रतिशत से ज्‍यादा शौचालयों का निर्माण हो चुका हैं पर सरकार ने यह तय किया कि जब तक हमारा कवरेज 100 प्रतिशत हो जाएगा तो हम अपने जिलों को खुले में शौच मुक्‍त घोषित करेंगे.

अब तक बिहार के 17 ब्लाक, 852 ग्राम पंचायत और 4307 गांव घोषित ग्रामीणों द्वारा खुले में शौच मुक्त घोषित किये जा चुके हैं. शौचालय की तकनीक भी एक बड़ा चैंलेंज हैं. हमारी प्राथमिकता सभी लोगों के लिए एक ऐसे तकनीक का चयन करना था जो ज्‍यादा मंहगा न हो. उन्‍होनें रेडियों के प्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वो दो गढढों वाले जल बंध शौचालय के तकनीक के महत्‍व को लोगों तक पंहुचाने में सहयोग करने का आग्रह किया.  उन्‍होनें बताया कि मानव मल से बना खाद सबसे अच्‍छा होता है.

कार्यक्रम के तकनीकी सत्र की शुरूआत सिमरन कोहली और आरजे राहुल मकिन ने अनूठे तरीके से किया. इसमें प्रतिभागियों को उल्टे हाथों से अपने बारे में लिखकर अपना परिचय देना था. इस सत्र के बाद सिमरन कोहली ने कहा कि जिस तरह आपको उल्‍टे हाथ से लिखना कठिन लगा क्‍योकिं यह आपके आदत में शामिल नहीं था. ठीक इसी प्रकार खुले में शौच का मामला है यह भी लोगों के व्‍यवहार में शामिल है और इसके लिए बहुत मेहनत करने की जरूरत है और इसके लिए आप सभी का सहयोग आवश्‍यक है. इसके बाद सभी प्रतिभागियों को 5 समूहों में बाटां गया और उन्‍होनें खुले में शौच से जुडे मुददों पर पीएसए, रेडियों जिंगल, रेडियो इंटरव्‍यू, आर जे लिंक और रेडियो कैंपेन बनाया गया.

कार्यशाला में आलॅ इंडिया रेडियो, पटना और पूर्णिया के प्रतिनिधियों के साथ ही रेडियो मिर्ची, रेडियो सीटी, रेड एफएम के प्रतिनिधियों ने हिस्‍सा लिया.  सामुदायिक रेडियो स्‍टेशनों में रेडियो कोसी, अप्‍प्‍न समाचार और पूणिया के देहाती आवाज के प्रतिनिधि भी उपस्‍थ्‍त रहें. इस अवसर पर पटना यूनिवसिर्टी, सेंटल यूनिर्वसिटी आफॅ साउथ बिहार, पटना वीमेंस कॉलेज और अमेटी यूनिवर्सिटी के छात्रों ने भी हिस्‍सा लिया.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*