सस्ते कर्ज की उम्मीदें अधूरी, रिजर्व बैंक ने नहीं बदली ब्याज दरें

लाइव सिटीज डेस्क : रिज़र्व बैंक की मौद्रिक समिति की समीक्षा बैठक हुई. बैठक के बाद ब्याज दरों में बदलाव की अटकलों पर विराम लगाते हुए रिज़र्व बैंक ने किसी भी प्रकार के ब्याज दरों में कोई उतार-चढाव नहीं किया है. अब रिवर्स रेपो रेट जहां 6.25 पर बनी रहेगी वहीं रेपो रेट 6 प्रतिशत पर कायम रहेगी. इसके साथ ही आम आदमी का सस्ते कर्ज की उम्मीदें अधूरी रह गई है. 

आरबीआई ने सीआरआर को भी बरकरार रखा है लेकिन एसएलआर को 0.5 घटाया है जो 24 जून से लागू होगा. खबरों के अनुसार समिति की बैठक में इसके 5 सदस्य ब्याज दरों में किसी भी तरह के बदलाव के समर्थन में नहीं थे और सिर्फ एक सदस्य ने बदलाव का समर्थन किया था.



पॉलिसी मिनट्स: आरबीआई की इस मौद्रित नीति समिति के मिनट्स 21 जून को जारी किए जाएंगे, जिसमें साफ होगा कि ब्याज दरों को लेकर सदस्यों का कैसा रूख था.

एमपीसी की अगली बैठक: 6 और 7 जून को हुई मौद्रित नीति समिति (एमपीसी) की दो दिवसीय बैठक के बाद अब एमपीसी की अगली बैठक 1 और 2 अगस्त को होनी है. 

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए आरबीआई अधिकारियों ने कहा कि हम महंगाई पर नजर बनाए हुए हैं और एनपीए पर सरकार के साथ काम कर रहे हैं. छोटी बचत योजनाओं के अलावा महंगाई के आने वाले आंकड़ों पर भी नजर है.

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि फंडामेंटल फैक्टर्स की वजह से जीडीपी में स्लोडाउन आया है. हाल में आए जीडीपी आंकड़े यह दर्शाते हैं कि नोटबंदी से पहली ही आर्थिक विकास की रफ्तार सुस्त पड़ रही थी. जीडीपी के अनुमानों पर ही अर्थव्यवस्था पर प्रदर्शन आंका जाता है.

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