बैंक ट्रांजेक्शन करने से पहले ये खबर जरूर पढ़ें, RBI ने इन 8 चीजों को लेकर जारी की है चेतावनी

लाइव सिटिज डेस्क : बैंकों से लेन-देन करने वाले सभी खाताधारकों के लिए जरूरी खबर है. किसी बैंक शाखा में जाकर जमा या निकासी पर्ची में कुछ गलत लिख जाने पर इन पर्चियों को आप ऐसे ही न छोड़ें बल्कि पूरी तरह से नष्ट कर दें. ऐसा न करने पर आपके साथ फ्रॉड होने की आशंका है.

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) अक्सर आम लोगों को बैंकिंग फ्रॉर्ड से बचने की सलाह देता रहता है. लेकिन जिस रफ्तार से इंटरनेट बैंकिंग की तरफ लोगों का झुकाव बढ़ रहा है, उसी गति से बैंक फ्रॉड भी बढ़ रहे हैं. इसको देखते हुए ही भारतीय रिजर्व बैंक ने हाल में चेतावनी जारी की है. इसमें वह आम लोगों को ऑनलाइन फ्रॉड और बैंकिंग से जुड़े सभी लेन-देन को लेकर जागरूक कर रहा है.

RBI की चेतावनी-भारतीय रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर जारी चेतावनी में कहा गया है कि बेईमान लोग आरबीआई के नाम का उपयोग करके आम जनता के साथ धोखाधड़ी करते हैं. ये लोग आरबीआई के नकली लेटर हेड का उपयोग करते हुए, आरबीआई के कर्मचारी होने के नाम पर ईमेल भेजते हैं और लोगों को विदेशों से जाली प्रस्तावों/लॉटरी जीतने/विदेशी मुद्रा में सस्ते धन के का प्रलोभन देते हैं. भारतीय रिजर्व बैंक अपने ‘जन जागरूकता अभियान’ के भाग के रूप में जनता को एसएमएस भेजने, आउटडोर विज्ञापन और टेलीकास्टिंग जागरूकता फिल्मों जैसे विभिन्न तरीकों के माध्यम से फर्जी ई-मेलों पर जागरूकता फैला रहा है.

ये काम RBI कभी नहीं करता

1. भारतीय रिज़र्व बैंक किसी भी व्‍यक्ति का खाता नहीं रखता है.
2. भारतीय रिज़र्व बैंक के अधिकारियों के नाम पर धोखेबाज़ों से सावधान रहें.
3. भारतीय रिज़र्व बैंक का कोई भी व्‍यक्ति लॉटरी जीतने/विदेश से धन-राशि प्राप्‍त करने के बारे में कोई फोन नहीं करता है.
4. भारतीय रिज़र्व बैंक लॉटरी फंड, इत्यादि जीतने के संबंध में कोई ई-मेल नहीं भेजता है.
5. भारतीय रिजर्व बैंक लॉटरी जीतने अथवा विदेश से निधि प्राप्‍त करने के जाली प्रस्‍तावों के लिए कोई एसएमएस अथवा पत्र अथवा इ-मेल नहीं भेजता है.
6. भारतीय रिजर्व बैंक की आधिकारिक और असली वेबसाइट केवल (https://www.rbi.org.in/ or https://rbi.org.in/) है और जनता कृपया सावधान रहे और जाली लोगो सहित
7. ‘रिजर्व बैंक’, ‘आरबीआई’ आदि से शुरू होने वाले इसी प्रकार के पते वाली जाली वेबसाइटों से गुमराह न हों.
8. ऐसी धोखाधड़ी के बारे में स्‍थानीय पुलिस अथवा साईबर क्राइम प्राधिकारी को अवश्‍य जानकारी दें.
9. जनता को सूचित किया जाता है कि वे ऐसे लोगों/संस्थाओं के पत्राचार का जवाब न दें और आरबीआई के नाम से प्राप्त धोखाधड़ीपूर्ण ईमेल का शिकार न बनें.

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