अंग्रेजों की धरती पर धमाल मचाने को तैयार समस्तीपुर का अनुकूल

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पटना : बिहार का नाम एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के पटल पर जगमग हुआ है. महज एक साल के अंदर यह दूसरा मौका है जब किसी बिहारी प्रतिभा ने अपनी मेहनत और हुनर के दम पर टीम इंडिया में जगह बनाई है. इस बार यह कारनामा बिहार के एक छोटे से शहर समस्तीपुर के क्रिकेटर अनुकूल राय उर्फ छन्नू ने किया है. जमशेदपुर झारखंड की ओर से खेलने वाले अनुकूल का चयन अगले माह इंग्लैंड में होने वाले पांच वनडे मैचों की सीरीज के लिए भारतीय अंडर—19 टीम में किया गया है. सीरीज की शुरुआत सात जुलाई से होगी.
समर्पण का अनुकूल इनाम
बिहार के एक छोट से शहर समस्तीपुर के पटेल मैदान से क्रिकेट का ककहरा सीखने वाले अनुकूल के क्रिकेट के प्रति समर्पण का ही यह इनाम है. बाएं हाथ के स्पिनर और बल्लेबाज अनुकूल ने इसी वर्ष बीसीसीआई की ओर से बनी एसोसिएट एंड एफिलिएट एएंडए टीम के खिलाफ कूच बिहार ट्राफी में झारखंड अंडर—19 टीम की कमान संभाली थी. यह मैच पटना में ही खेला गया था, जिसमें झारखंड की जीत दिलाने में अनुकूल ने अहम भूमिका निभाई थी. इसके अलावा उसने जोनल टूर्नामेंट में भी झारखंड की ओर से बढ़िया प्रदर्शन किया था, जिसके बाद से ही वह कोच राहुल द्रविड के चहेते बन गए थे. चयनकर्ताओं ने उसका चयन भारतीय अंडर.19 टीम के लिए किया.
वानखेड़े स्टेडियम में दिखा चुके है बिहारी दम
शानदार फार्म के कारण अनुकूल का चयन इससे पूर्व जनवरी में इंग्लैंड के खिलाफ हुए अंडर—19 के तीन टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए भी सेलेक्शन हुआ था. वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस सीरीज में भी अनुकूल ने बेहतरीन प्रदर्शन कर बिहार और झारखंड का नाम रोशन किया. अनुकूल राय के बदौलत भारतीय टीम ने इंग्लिश टीम को करारी शिकस्त दिया. भारत द्वारा दिए गए 288 रन के लक्ष्य के जवाब में इंग्लैंड टीम अनुकूल राय के धारदार गेंदबाजी के आगे नतमस्तक हो गई और पूरी टीम मात्र 158 रन पर सिमट गई अनुकूल राय ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 34 रन देकर 3 महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को पवेलियन का रास्ता दिखाया जिससे भारतीय टीम की जीत का मार्ग प्रशस्त हो सका.
पिता को गर्व है अपने छन्नू पर
पेशे से एडवोकेट सुधाकर राय को अपने बेटे पर गर्व है. आज वह देश का प्रतिनिधित्व अंतरराष्ट्रीय पटल पर कर रहा है. अनुकूल के पिता ने बताया कि मैंने अपने समय में क्रिकेट शौकिया तौर पर खेला था, घर में क्रिकेट को लेकर वैसा माहौल भी नहीं था लेकिन बेटा क्रिकेटर बनेगा इसका भरोसा जरूर था. अनुकूल के पिता सुधाकर ने बताया कि उसने 2005 से ही क्रिकेट खेलना शुरू किया था. वो अपने खेल को लेकर काफी सीरियस था. शायद यही कारण है कि उसने खेल के लिए पढ़ाई छोड़ दिया. अपने होम टाउन समस्तीपुर में जिला और लीग क्रिकेट खेलने के बाद वो बिहार क्रिकेट टीम के लिए चुना गया. उन्होंने बताया कि बिहार में क्रिकेट के भविष्य पर संकट के बादल घिरे तो उसने बगैर देर किए झारखंड का रुख किया. उसके बाद से वहीं से खेलने लगा.
वेंकटेश प्रसाद से सीखा गेंदबाजी का गुर
टीम में आलराउंडर की भूमिका निभाने वाले अनुकूल बायें हाथ के बल्लेबाज होने के साथ-साथ एक लेफ्ट आर्म स्पिनर भी है. अनुकूल के पिता ने बताया कि बेटे के गेंदबाजी को धार दिलाने के लिए उसका दाखिला भारतीय टीम के पूर्व गेंदबाज रह चुके वेंकटेश प्रसाद के कल्ब में एडमिशन दिलवाया ताकि उसके गेंदबाजी में दम आ सके.
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