स्कूली खेल के खिलाड़ियों के लिए आधार जरूरी

लाइव सिटीज डेस्क (विकास पांडेय): स्कूली खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को अब आधार कार्ड बनाना जरूरी है. स्कूल गेम्स फेडरेशन आॅफ इंडिया की ओर से पत्र जारी करके कहा गया है कि सभी खिलाड़ी अपना आधार कार्ड बनवा लें. आगे होने वाले नेशनल व स्टेट लेवल के खेलों में आवेदन करने के साथ आधार कार्ड भी लगाना जरूरी होगा. फेडरेशन की ओर से कहा गया है कि आधार कार्ड पर जन्मतिथि खिलाड़ी के स्कूल सर्टिफिकेट और जन्मतिथि प्रमाणपत्र से मिलती हुई होनी चाहिए, अन्यथा यह स्वीकार नहीं किया जाएगा.

फेडरेशन से जुड़े सभी राज्यों की इकाई को सेक्रेटरी जनरल की ओर से पत्र में कहा गया है कि खेल व युवा मामलों के मंत्रालय की ओर से आॅनलाइन आधार से लिंक करना जरूरी बताया गया है. नेशनल स्कूल गेम्स में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की आॅनलाइन एंट्री के समय यह अनिवार्य कर दिया गया है. वर्तमान सत्र 2017-18 से इसे लागू किया गया है. सभी डॉक्यूमेंट के साथ इसे भी लगाना है तभी आॅनलाइन इंट्री स्वीकार की जाएगी. उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को हर स्कूल के नोटिस बोर्ड पर इस संबंध में सूचना चस्पा कराने को कहा है.

गौरतलब है राज्य स्तरीय स्पर्धा में जिले से हॉकी, बास्केटबॉल, क्रिकेट, फुटबॉल, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, बॉल बैडमिंटन तीरंदाजी सहित दर्जनों प्रतियोगिता में खेलने के लिए खिलाड़ी शामिल होते हैं. लोक शिक्षा संचालक के निर्देश पर शिक्षण सत्र 2017-18 से राष्ट्रीय प्रतियोगिता के पात्रता पत्र में आधार नंबर अनिवार्य रूप से अंकित जाएगा.
नेशनल गेम्स में पहले से नियम: जिला शिक्षा अधिकारियों को जारी निर्देश में लोक शिक्षण संचालनालय ने स्कूल गेम्स फेडरेशन आॅफ इंडिया के पत्रों का हवाला दिया है, जिसमें खिलाडित्रयों के लिए आधार अनिवार्य किया गया है. खेल व युवा कार्यालय मंत्रालय भारत सरकार के निर्देश पर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की आॅनलाइन एंट्री के लिए आधार अनिवार्य किया गया है.


स्कूल गेम्स फेडरेशन द्वारा जारी किए गए इस पत्र के संबंध में बलवीर यादव, उप निदेशक खेल, बिहार सरकार ने बताया कि अभी पत्र तो नहीं मिला, लेकिन सूचना फेडरेशन के साइट से हुई है. यह एक अच्छी पहल है. नए सत्र में हम इस अपने कैलेंडर में भी शामिल कर रहे हैं. वहीं बॉल बैडमिंटन संघ के गौरीशंकर, एथलेटिक्स प्रशिक्षक अभिषेक कुमार, क्रिकेट टूर्नामेंट संयोजक संतोष तिवारी आदि खेल संघों और पदाधिकारियों का कहना है कि इससे खेल में पारदर्शिता आएगी.

अधिक उम्र या एक से अधिक खेलों में भाग लेने वाले खिलाड़ियों पर रोक लगेगी.