सियाचिन पर तिरंगा फहरा वापस लौटे अनुराग और संतोष

लाइव सिटीज डेस्क: बुलंद इरादों के साथ सियाचीन के एडवेंचर जर्नी पर निकले बिहार के दो दिव्यांग खिलाड़ी अनुराग चंद्रा और संतोष कुमार मिश्रा गुरुवार की देर शाम पटना वपास पहुंचे. इनके पटना पहुंचने पर नयाटोला स्थित अदम्या अदिति गुरुकुल के द्वारा स्वागत किया गया.

इनके नयाटोला पहुंचते ही ढोल-नगाड़ों की थाप पर लोगों ने फूल-माला पहनाकर गुरुकुल के गुरु और मुन्ना जी के साथ सैकड़ों लोगों ने स्वागत किया. वहीं गुरुकुल के छात्र-छात्राओं और स्थानीय लोगों ने तिलक कर, मिठाई और दही खिलाकर इन दोनों साहसिक दिव्यांगों का स्वागत किया. स्वागत के दौरान गुरुकुल के समीप बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम लग गया. लोगों से मिले स्नेह और प्यार का आभार जताते हुए खिलाड़ियों ने यात्रा के बारे में विस्तार से बताया.


यात्रा के संबंध में अनुराग ने बताया कि दानापुर से शुरू हुई यात्रा आठ राज्यों से होते हुए सियाचिन पहुंचे. रास्ते में जगह-जगह लोगों ने स्वागत किया और प्रेम दिया. पांच जुलाई की शाम इन्होंने ने सियाचीन ग्लेशियर के खरुनदला टॉप पर तिरंगा गाड़ा. यात्रा के दौरान कश्मीर में माहौल खराब होने के कारण सैनिकों ने आगे बढ़ने से दो दिनों के लिए रोक दिया. वहीं  ग्लेशियर के वापस भारी बर्फबारी होने के कारण पहुंचने में भी काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन बुलंद हौसलों से हम आगे बढ़े. बता दें कि इन दोनों को एडवेंचर जर्नी के लिए आर्थिक मदद डॉ रहमान ने किया था. इनकी संस्था गुरुकुल ने दोनों खिलाड़ियो को गोद लिया है.


पहले भी बनाया है विश्व कीर्तिमान

दिव्यांगता को चुनौती देने वाले अनुराग ने वर्ष 2015 में भी अपने साथी संतोष मिश्रा के साथ दिल्ली से लेह तक 1267 किलोमीटर की यात्रा कर विश्व कीर्तिमान बनाया था. यह कीर्तिमान अनुराग ने ट्राईसाइकिल से और संतोष ने साइकिल चलाकर बनाई थी. इस बार यह यात्रा स्कूटी से पूरी की.