‘जितनी पूजा विराट की होती है, उतनी तो कैबिनेट के मिनिस्टर मोदी की नहीं करते’

Virat-Kohli
विराट कोहली

लाइव सिटीज डेस्क: दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ तीन टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-0 से पिछड़ चुकी टीम इंडिया के प्रदर्शन पर लगातार सवाल उठ रहे हैं. विराट कोहली की कप्तानी में टीम इंडिया की साल की शुरुआत खास नहीं रही और उसे साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज में पराजय का सामना करना पड़ा. भारतीय टीम को 3 मैचों की सीरीज के शुरुआती 2 टेस्ट मैचों में हार झेलनी पड़ी. इसके बाद से ही कप्तान विराट कोहली की आलोचना हो रही है.

हिस्टॉरियन रामचंद्र गुहा ने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) के अफसरों और टीम इंडिया के कैप्टन विराट कोहली पर बड़ा हमला बोला है. उन्होंने कहा कि बोर्ड के अधिकारी विराट कोहली को जितना पूजते हैं, उतना तो केंद्र सरकार में कैबिनेट के सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी नहीं पूजते होंगे. गुहा ने बीसीसीआई को विराट के अहंकार के आगे समर्पण कर चुकी संस्था बताया.

गुहा ने ये सारे आरोप एक आर्टिकल लिख कर लगाए हैं. गुहा क्रिकेट का कामकाज देखने के लिए सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित कमेटी ऑफ एडमिनिस्ट्रेटर (सीओए) के मेंबर भी थे. उन्होंने भारतीय क्रिकेट में सुपरस्टार कल्चर का हवाला देकर अपना पद चार महीने में ही छोड़ दिया था.

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बोर्ड के अफसर हर मुद्दे पर विराट से राय लेते हैं

गुहा ने सीओए प्रमुख विनोद राय के साथ-साथ सचिन तेंडुलकर, सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण की मौजूदगी वाली- उन्होंने लिखा, ‘अनिल कुंबले को हटाकर रवि शास्त्री जैसे साधारण क्रिकेटर को सिर्फ इसलिए टीम इंडिया का कोच बनाया गया क्योंकि इन लोगों ने विराट कोहली के रुतबे के आगे सरेंडर कर दिया.’

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जिन मामलों में कप्तान की कोई भूमिका नहीं होती, उसमें भी विराट की दखलअंदाजी थी

‘बोर्ड अधिकारी उन मुद्दों पर भी विराट कोहली से राय लेते थे, जो भारतीय कप्तान के दायरे में नहीं आते. मामला चाहे फ्यूचर टूर प्रोग्राम (एफटीपी) तैयार का हो या नेशनल क्रिकेट एकेडमी को चलाने का, विराट की दखल सब जगह है.’

‘स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि बोर्ड ने सीईओ ने कहा कि विराट की राय की इन मामलों पर आखिरी होगी’

सब विराट के आगे बौने

गुहा लिखते हैं कि मौजूदा वक्त में कोचिंग स्टाफ, सिलेक्शन कमेटी और एडमिनिस्ट्रेटर सभी विराट कोहली के आगे बौने हैं.

‘कुंबले बड़े कद के क्रिकेटर थे। वे भारतीय क्रिकेट इतिहास के सबसे बड़े मैच विनर बॉलर थे. वे अपने कद और भूमिका दोनों से वाकिफ थे। इसलिए वे हर बार कप्तान की बात नहीं मानते थे.’

‘ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पिछली घरेलू टेस्ट सीरीज का आखिरी मैच इसका एग्जाम्पल है. कुंबले ने ही उस मैच में कुलदीप यादव को प्लेइंग इलेवन में शामिल किया था. वह फैसला उस टेस्ट मैच और उस सीरीज के लिए निर्णायक साबित हुआ.’

‘कुंबले देश में इकलौते व्यक्ति थे जो कद और रुतबे में विराट की बराबरी पर थे. शायद यही उनकी विदाई का कारण भी बना.’

‘शास्त्री जैसे कमजोर कोच की खामियां भारत में हुए मैचों और सीरीज के दौरान छुप गई. लेकिन, अब टीम विदेशी दौरे पर हैं और सारी सच्चाई उजागर होने लगी है.’

विराट बेहतरीन बल्लेबाज

गुहा ने विराट कोहली की तारीफ भी की है. उन्होंने कहा कि विराट निश्चित तौर पर बेहतरीन बल्लेबाज हैं.

‘वे मेरी ऑल टाइम ड्रीम इंडियन टीम के सदस्य हैं. लेकिन, उनका घमंड टीम के काम नहीं आ रहा. यह उनके अपने खेल के लिए ठीक होगा, लेकिन, इससे टीम का नुकसान हो रहा है.’

‘विराट खुद में सुधार करें तो भारतीय क्रिकेट के लिए अच्छा होगा. मैं चाहता हूं कि जब वे रिटायर हों तो मैं उन्हें अपनी ड्रीम टीम का कप्तान भी बनाऊं.’

 

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