हॉकी वर्ल्ड लीग सेमीफाइनल : लगातार चौथी जीत दर्ज करने उतरेगी टीम इंडिया

लाइव सिटीज टीम (विकास पांडेय): पाकिस्तान के खिलाफ सबसे बड़ी जीत के बाद अब भारतीय हॉकी टीम की अगली चुनौती हॉलैंड है. लंदन के ली वैली हॉकी एंड टेनिस स्टेडियम में मुकाबला मंगलवार को होगा. भारत ने पहले स्कॉटलैंड को 4-1 और कनाडा को 3-0 से हराया था. उसके बाद रविवार को पाकिस्तान पर 7-1 से जीत दर्ज की थी, जो इस टीम के खिलाफ भारत की इतिहास में सबसे बड़ी जीत है.


हालांकि भारतीय टीम के कप्तान मनप्रीत सिंह इस जीत के ज्यादा मतलब नहीं निकाल रहे हैं. मनप्रीत ने कहा, ‘पाकिस्तान के खिलाफ हमारी जीत अच्छी थी. सिर्फ इसलिए नहीं कि ये पाकिस्तान के खिलाफ थी. बल्कि इसलिए, क्योंकि कुछ ऐसे एरिया में हमने अच्छा प्रदर्शन किया, जो हमारे लिए चिंता की बात रही थी. जब हमने लंदन आने से पहले जर्मनी में तीन देशों का टूर्नामेंट खेला था, तो कुछ एरिया में खराब प्रदर्शन किया था. उसमें बहुत सुधार हुआ है.’

भारतीय कप्तान ने कहा कि फील्ड गोल में अब भारत का कनवर्जन रेट 30 फीसदी से ऊपर है. टीम इसके लिए लगातार कोशिश कर रही थी. उन्होंने कहा, ‘पिछले टूर्नामेंट में आंकड़ों को देखा जाए, तो बॉल पजेशन के लिहाज से हम बहुत अच्छे थे. यहां तक कि सर्किल पेनीट्रेशन भी बहुत अच्छा था. लेकिन गोल करने के मौके चूक रहे थे. लेकिन अब पाकिस्तान के खिलाफ हाई स्कोरिंग गेम में हम इससे उब आए हैं. हम इस मोमेंटम को बरकरार रखना चाहते हैं.’


डच टीम दुनिया में चौथे नंबर पर है. टूर्नामेंट में वो ओलिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट अर्जेंटीना के बाद दूसरी सीड टीम है. नीदरलैंड्स के खिलाफ मैच में जीत भारत को पूल बी की टॉपर बना देगी. टीम के प्रदर्शन को लेकर चीफ कोच रोलंट ओल्टमंस कहते हैं, ‘मैं टीम के प्रदर्शन से काफी खुश हूं. लेकिन अभी हमारा काम खत्म नहीं हुआ है. हमें हौसला बनाए रखना है. आक्रामक खेलना है और अपनी योजना को सौ फीसदी लागू करना है.

नीदरलैंड्स ने भी टूर्नामेंट में अच्छी शुरुआत की है.’नीदरलैंड्स ने पाकिस्तान के खिलाफ 4-0 और स्कॉटलैंड के खिलाफ 3-0 से जीत दर्ज की है. भारत ने इससे पहले रियो ओलिंपिक में उनसे मुकाबला खेला था, जहां 1-2 से हार झेलनी पड़ी थी. लेकिन 2015 में भारत ने नीदरलैंड्स को निर्धारित समय में 5-5 की बराबरी के बाद पेनल्टी शूट आउट में 3-2 से हराया था. इस प्रदर्शन की बदौलत भारत ने रायपुर में हुए वर्ल्ड हॉकी लीग फाइनल में कांस्य पदक जीता था.

भारत ने 2014 की चैंपियंस ट्रॉफी में भी डच टीम के खिलाफ मुकाबला 3-2 से जीता था. ओल्टमंस कहते हैं, ‘हम पिछले रिकॉर्ड के बारे में नहीं सोचना चाहते. 2015 और 2016 के मुकाबले दोनों टीमें नई हैं. इसलिए हम पिछले नतीजों से तुलना नहीं कर सकते. अभी हम सिर्फ अगले मैच पर फोकस करना चाहते हैं. हमें अच्छी शुरुआत करनी है. यही हमारा फोकस है.’

मुकाबला भारतीय समय के अनुसार शाम साढ़े छह बजे शुरू होगा.