IPL का हिस्सा बना कश्मीर का सिक्यॉरिटी गार्ड, प्रीति जिंटा की टीम से खेलेंगे मैच

manzoor-ahmed-dar
मंजूर अहमद डार

लाइव सिटीज डेस्क: बेंगलुरू में आयोजित की गई इंडियन प्रीमियर लीग सीजन 11 की दोनों चरणों की नीलामी खत्म हो चुकी है. आईपीएल 2018 के लिए हुई नीलामी के बाद शुक्रवार को कश्मीर के तमाम इलाकों के लोगों में खुशी देखने को मिली. दिन भर तनाव के साए में रह चुके कश्मीर के लिए रविवार की शाम एक अनोखी खुशी लेकर आई. राज्य की क्रिकेट की प्रतियोगिताओं में अपने बेशुमार टैलंट से लोगों का दिल जीतने वाले मंजूर अहमद डार ने जैसे ही कश्मीर की आवाम को आईपीएल में अपने सिलेक्शन की खबर दी, वैसे ही उनके परिवार समेत कश्मीर के तमाम लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई.

कश्मीर के एक छोटे से गांव से निकलकर किंग्स इलेवन पंजाब के ड्रेसिंग रूम तक पहुंचने के लिए मंजूर अहमद डार ने कड़ी मेहनत की. तमाम प्रतियोगिताओं से जूझकर आईपीएल तक पहुंचे डार को प्रीति जिंटा की फ्रेंचाइजी किंग्स इलेवन पंजाब ने 20 लाख रूपए में खरीदा. श्रीनगर के एक ऑटोमोबाइल शोरूम में एक प्राइवेट सिक्यूरिटी गार्ड के तौर पर काम चुके मंजूर अहमद के लिए यह बहुत बड़ी खुशी है कि उन्हें एक ऐसा प्लैटफॉर्म मिलने जा रहा है जहां से उनकी प्रतिभा को नई पहचान मिलेगी. एक इंटरव्यू के दौरान 24 वर्षीय मंजूर अहमद ने कहा ‘यह मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा दिन है. अपनी खुशी को शब्दों में बयां करना मेरे लिए बहुत मुश्किल है.’

सुगानपोरा गनास्तान गांव के रहने वाले मंजूर अहमद के क्रिकेट के सफर की कहानी बहुत ही प्रेरणा देने वाली है कि कैसे उन्होंने गरीबी और पक्षपात से संघर्ष कर यह मुकाम हासिल किया. मंजूर अहमद ने कहा ‘केवल मैं ही जानता हूं कि मैंने कितना संघर्ष करके स्टेट क्रिकेट टीम में अपनी जगह बनाई थी. मैंने अपनी पूरी जिंदगी मेहनत करके गुजारी है और आज जो मुझे मिला है वह मेरी मेहनत का ही नतीजा है. मेरे लिए सबसे महत्वपूर्ण पैसा नहीं बल्कि यह है कि आईपीएल में मुझे शामिल किया गया है. सबसे बड़ी बात तो यही है कि मुझे मेरे संघर्ष का फल मिला है.’

बता दें कि मंजूर अहमद कश्मीर के एकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्हें इस साल आईपीएल में खेलने का मौका मिला है. उनकी प्रभावित करने वाले कदकाठी के कारण उन्हें लोग पांडव के नाम से बुलाते हैं. मंजूर अहमद ने पिछले साल विजय हजारे ट्रॉफी में जम्मू एंड कश्मीर के लिए अपना पहला क्रिकेट खेला था. एक मजदूर के बेटे मंजूर अहमद ने 10 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरु किया था, लेकिन वे सबकी नजरों में उस समय आए जब उन्होंने एक लोकल मैच के दौरान लम्बे छक्के लगाए. इसके बाद उन्हें कश्मीर के सिक्सर मैन के नाम से जाना जाने लगा. नौकरी करने के लिए मंजूर अहमद ने अपना गांव छोड़ दिया था.

Be the first to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*