सॉरी पापा ! मैं गोल्ड जीत न सकी, अनन्या के स्वर्ण की उम्मीद को चोट ने चांदी में बदला

लाइव सिटीज डेस्क: सॉरी पापा! मैं गोल्ड जीत न सकी. मैंने अच्छा खेला था, पर चोट के कारण रेफरी ने आगे खेलने से रोक दिया. यह कहना था ISF World SCHOOL COMBAT GAMES 2017 में रजत पदक जीतने वाली बिहार की अनन्या आनंद का. शुरुआत से प्रतिद्वंदी पर हावी रही अनन्या को अचानक लगी चोट के बाद रेफरी द्वारा खेलने से रोकने पर उसके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे. किसी तरह कोच और उसके पिता ने उसे समझाकर चुप कराया.


गौरतलब हो कि कराटे क्वीन के नाम से मशहूर हो चुकी अनन्या आनन्द आगरा में चल रहे कॉमबेट गेम्स के Girls कराटे Kumite के 68 किग्रा भार वर्ग में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही थी. इस चैंपियनशिप में अनन्या के पास स्वर्ण पदक जीतने का सुनहरा मौका था. इस और वह कदम भी बढ़ा चुकी थी. जब फाइनल में ब्राजील की गेब्रिला के खिलाफ उसने 2-0 से बढ़त बनाई, लेकिन पैर में गंभीर चोट लग जाने के कारण निर्णायकों ने मैच बीच में रोककर ब्राजील की खिलाड़ी को विजेता घोषित कर दिया.


विदेशों में मनवा चुकी हैं लोहा
पटना के सिविल इंजीनियर ओंकार शरण की बेटी व सेंट जोसेफ कानवेंट की कक्षा 12वीं की छात्रा अनन्या देश ही नहीं विदेश में भी अपनी प्रतिभा का लोहा पहले भी मनवा चुकी है. बिहार खेल सम्मान के साथ उसे कई बड़े सम्मान मिल चुके हैं. वह बिहार की पहली व‌र्ल्ड कराटे फेडरेशन ब्लैक बेल्ट का गौरव प्राप्त करने के साथ वह बिहार की पहली महिला खिलाड़ी है जो कराटे में इंटरनेशनल मेडल जीती है. अनन्या ने बैंकाक में हुए ओपेन नेशनल चैम्पियनशिप के सेमीफाइनल तक पहुंची और कई देशों के खिलाड़ि़यों को टक्कर देकर ब्रांज मेडल जीता. उसका ये पहला इंटरनेशन मेडल था. स्कूल गेम्स फेडरेशन में दो बार बिहार को ब्रांज दिलाया. वह गोल्ड के साथ अन्य पदक जीत कर प्रदेश के मान एक दो नहीं कई बार बढ़ाया है.

विश्व के नंबर वन कराटे चैम्पियन से ले चुकी है प्रशिक्षण
अनन्या विश्व के कराटे चैम्पियन रफेल से भी प्रशिक्षण ले चुकी है. वह कई ऐसे दांव सीखी है जो कराटे में उसे बिहार ही नहीं देश में भी नई पहचान दिला सकता है. तीन बार स्कूल गेम्स में बिहार के लिए पदक जीत चुकी अनन्या अपने इस मुकाम का सारा दामोदार अपने गुरु पंकज कांबली को देती है.वे कहती है कोच सर हमेशा गेम्स में फिनिशिंग लाने के लिए नए नए ट्रिक्स देते रहते हैं.


पिता को गर्व है अपनी बेटी पर
पेशे से सिविल इंजीनियर अनन्या के पिता ओंकार शरण को अपनी बेटी पर गर्व है. उनका कहना है कि चोट के दर्द की जगह उसे अपने खेल और गोल्ड मेडल न जीत पाने का मलाल था. वहीं राज्य खेल प्राधिकरण के निदेशक सह सचिव आशीष सिन्हा ने बताया कि अनन्या को बेहतर इलाज के लिए दिल्ली भेजा गया है.

अनन्या को खेलमंत्री ने दी बधाई

बिहार की कराटे क्वीन को इस नई उपलब्धि पर खेलमंत्री रामचंद्र राम ने फोन पर बधाई दी. वहीं राज्य खेल प्राधिकरण के निदेशक अरविंद पांडेय, कराते प्रशिक्षक आरएस यादव उर्फ आकाश कुमार, सूरज कुमार, अविनाश ली, रेन्सई पिंकी, इंस्टीच्यूट आॅफ कराटे की डायरेक्टर पल्लवी श्रीवास्तव ने बधाई देते हुए जल्द स्वस्थ होकर आगामी साउथ एशियन और विश्व कराटे चैंपियनशिप में जीत की शुभकामना दी.