एमएस धोनी और पंकज आडवाणी बने पद्म भूषण, फिर भुलाए गए हॉकी के जादूगर

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एमएस धोनी और आडवाणी बने पद्म भूषण

लाइव सिटीज डेस्क: गणतंत्र दिवस से ठीक पहले इस साल के पद्म पुरस्कारों का ऐलान हो गया है. कुल 85 लोगों को पद्म पुरस्कारों से सम्मानित किया जाएगा जिसमें से 9 को देश का तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण पुरस्कार दिया जाएगा. इन 9 नामों में पूर्व भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धोनी और बिलियर्ड्स व स्नूकर चैंपियन पंकज आडवाणी के नाम भी शामिल हैं.

भारत सरकार ने बृहस्पतिवार की रात दोनों को पद्म भूषण से सम्मानित किए जाने की घोषणा कर दी है, लेकिन हॉकी का जादूगर दद्दा ध्यानचंद को एक बार फिर भुला दिया गया है.

खेल मंत्रालय की ओर से उनके नाम की सिफारिश देश के सर्वोच्च खेल सम्मान के लिए किए जाने के बावजूद देश के लिए दिए गए उनके योगदान को फिर भुला दिया गया. यही नहीं रियो ओलंपिक में रजत जीतने वाली पीवी सिंधु और दो बार के ओलंपिक पदक विजेता सुशील कुमार को आवेदन के बावजूद पद्म भूषण के लिए लायक फिर नहीं समझा गया.

पद्म श्री पाने वालों में सबसे हैरानी जनक नाम मीराबाई चानू का है. वह बीते वर्ष ही 22 साल बाद वेटलिफ्टिंग में वर्ल्ड चैंपियन बनी हैं. किदांबी श्रीकांत और सोमदेव देववर्मन को भी पद्म श्री से सम्मानित किया जाएगा. इनके अलावा यह सम्मान हासिल करने वालों में पैरालंपिक मेडलिस्ट मुरलीकांत पेटकर हैं.

धोनी और आडवाणी की ओर से पद्म भूषण के लिए लंबे समय से आवेदन किया जा रहा था, लेकिन हर बार दोनों नजरअंदाज किए जा रहे थे. बीसीसीआई खुद इस बार धोनी के लिए आगे आई. वहीं आडवाणी ने भी हार नहीं मानीं.

पीवी सिंधू के लिए खुद खेल मंत्रालय ने आवेदन किया था, लेकिन उन्हें दो साल पहले ही पद्म श्री मिला है, जिसके चलते उन्हें इस बार भी पद्म भूषण नहीं दिया गया. पद्म श्री के लिए पहलवान गीता फोगट के लिए भी मंत्रालय ने सिफारिश की थी, लेकिन उनके लिए भी बात नहीं बनीं.

केडी जाधव के लिए खुद किया आवेदन पर भुलाया

खास बात यह है कि देश के लिए पहला व्यक्तिगत ओलंपिक पदक जीतने वाले पहलवान केडी जाधव के लिए खुद मानव संसाधन विकास मंत्रालय और खेल मंत्रालय आगे आया था.

दोनों ही मंत्रालयों ने केडी जाधव के नाम की सिफारिश पद्म श्री देने के लिए की थी. जाधव की इतनी बड़ी उपलब्धि के बावजूद उन्हें आज तक पद्म पुरस्कार नहीं दिया गया था.

यही वजह थी की मंत्रालय अपनी पुरानी भूल को सुधारकर यह सम्मान दिलाना चाहता था, लेकिन उन्हें पुरस्कार के लायक नहीं समझा गया. हालांकि 1972 के पैरालंपिक में गोल्ड जीतने वाले स्वीमर मुरलीकांत पेटकर को इस बार पद्म श्री दिया जाएगा.

खास बात ये है कि इस बार सभी दस आसियान देशों से एक-एक शख्सियत को पद्मश्री सम्मान से नवाजा गया है. 

पद्मविभूषण पुरस्कार प्राप्तकर्ता:

  1. इलैया राजा (म्यूजिक)
  2. गुलाम मुस्तफा खान (म्यूजिक)
  3. परमेश्वरन परमेश्वरन (साहित्य और शिक्षा)

पद्मभूषण पुरस्कार प्राप्तकर्ता:

  1. महेंद्र सिंह धौनी – क्रिकेट
  2. पंकज आडवाणी – बिलियर्ड्स
  3. वेद प्रकाश नंदा – साहित्य और शिक्षा
  4. लक्ष्मण पई – पेंटिंग
  5. अरविंद पारिख – म्यूजिक
  6. शारदा सिन्हा- म्यूजिक
  7. पी एम क्रिसोस्टम – अध्यात्म
  8. एलेक्जेंडर काडाकिन – पब्लिक अफेयर्स
  9. रामचंद्रन नागास्वामी -आर्कियोलॉजी

पद्मश्री पुरस्कार प्राप्तकर्ताओं की संख्या 73 है, जिनमें से प्रमुख नाम हैं:
अनवर जलालपुर- साहित्य और शिक्षा
इब्राहिम सूतर – आर्ट
मानस बिहारी वर्मा- विज्ञान और इंजीनियरिंग
जोद्दती – सोशल वर्क
नौफ मारवाई – योगा
वी नानाम्मल – योगा​

क्या है पद्म पुरस्कार:

पद्म पुरस्कार भारत के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों में से एक है. ये पुरस्कार, विभिन्न क्षेत्रों जैसे कला, समाज सेवा, लोक-कार्य, विज्ञान और इंजीनियरी, व्यापार और उद्योग, चिकित्सा, साहित्य और शिक्षा, खेल-कूद, सिविल सेवा इत्यादि के संबंध में प्रदान किए जाते हैं. ये पुरस्कार प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर उद्घोषित किये जाते हैं तथा सामान्यतः मार्च/अप्रैल माह में राष्ट्रपति भवन में आयोजित किये जाने वाले सम्मान समारोहों में भारत के राष्ट्रपति द्वारा प्रदान किये जाते हैं.

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