IND vs ENG : अश्विन के फिरकी में फंसे अंग्रेज

लाइव सिटीज डेस्क : सचिन तेंदुलकर के साल 2013 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास के बाद से टीम इंडिया मुंबई में पहला टेस्ट मैच खेल रही है. इंग्लैंड के खिलाफ 5 मैचों की टेस्ट सीरीज में 2-0 की बढ़त हासिल कर चुकी टीम इंडिया सीरीज के चौथे टेस्ट में पहले बॉलिंग कर रही है. पहले दिन का खेल समाप्‍त होने पर इंग्‍लैंड ने पहली पारी में 5 विकेट पर 288 रन बना लिए हैं. बेन स्‍टोक्‍स (25) और जोस बटलर (18) क्रीज पर हैं. टीम इंडिया की ओर से आर अश्विन ने चार और रवींद्र जडेजा ने एक विकेट लिया.

 

इंग्लैंड का स्कोर एक समय दो विकेट पर 230 रन था, लेकिन इसके बाद उनके धड़ाधड़ तीन विकेट गिर गए.चायकाल के बाद मैच में रोमांचक मोड़ तब आया जब रविचंद्रन अश्विन ने सेट हो चुके दोनों बल्‍लेबाजों मोईन अली (50 रन, 104 गेंद, एक छक्का, चार चौके) और जेनिंग्‍स (112 रन, 219 गेंद, 13 चौके) को एक ही ओवर में पैवेलियन लौटा दिया. जहां मोईन अली का कैच करुण नायर ने लपका, वहीं जेनिंग्‍स को अश्विन ने चेतेश्‍वर पुजारा के हाथों कैच कराया.

इससे पहले जेनिंग्स ने 186 गेंदों में डेब्यू शतक और 89 गेंदों में फिफ्टी बनाई. उनको शून्य के स्कोर पर जीवनदान भी मिला था, जब करुण नायर ने गली में उनका मुश्किल कैच टपका दिया. इसके बाद विराट कोहली ने भी उमेश यादव की गेंद पर मोईन अली का कैच छोड़ दिया था. हालांकि यह कैच काफी मुश्किल था. इंग्लैंड को पांचवां झटका भी अश्विन ने ही दिया और फॉर्म में चल रहे जॉनी बेयरस्टॉ को पैवेलियन भेजा. उन्हें डीप बैकवर्ड स्क्वेयर लेग पर उमेश यादव ने लपका.

जेनिंग्स का शतक, रूट आउट

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लंच के बाद इंग्लैंड ने एक विकेट पर 117 रन से पारी को आगे बढ़ाया. जो रूट और जेनिंग्स ने 37 रनों की साझेदारी कर ली थी और लग रहा था कि दोनों लंबी पारियां खेलेंगे, लेकिन रूट खुद पर नियंत्रण नहीं रख सके और 39वें ओवर में आर अश्विन की टर्न लेती दूसरी गेंद पर स्लिप की ओर कट कर बैठे और विराट कोहली ने बाईं ओर झुकते हुए शानदार कैच पकड़ लिया.

उस समय इंग्लैंड का स्कोर 136 रन था. 49वें ओवर में मोईन अली ने अश्विन की गेंद पर बैकवर्ड स्क्वेयर लेग की ओर शॉट खेला और सिंगल लिया, लेकिन इस बीच भुवनेश्वर कुमार ने जब डीप से थ्रो किया, तो वह स्क्वेयर लेग अंपायर के सिर के पीछे जा लगा और वह जमीन पर लेट गए, जिससे मैच काफी देर तक रुका रहा.

जेनिंग्स ने रूट के साथ 37 रन की साझेदारी के बाद मोईन अली के साथ पारी को आगे बढ़ाया और 186 गेंदों में डेब्यू शतक जड़ा. चायकाल तक इंग्लैंड ने दो विकेट पर 196 रन बना लिए थे. जेनिंग्स 103 और मोईन 25 रन पर नाबाद रहे.

जेनिंग्स की आकर्षक पारी, कुक आउट

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सुबह इंग्लैंड के कप्तान एलिस्टर कुक ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग का फैसला किया. टीम में दो बदलावों के साथ फील्डिंग करने उतरी टीम इंडिया ने इंग्लैंड पर दवाब बनाने की कोशिश की, लेकिन तेज गेंदबाज सफल नहीं हो पाए और विरोधी टीम ने अच्छी शुरुआत की. टीम इंडिया ने कुछ मौके भी गंवाए. कीटन जेनिंग्स का कैच जहां शून्य पर छूटा, वहीं कुक को भी जीवनदान मिला. जेनिंग्स को शून्य के स्कोर पर करुण नायर ने उमेश यादव की गेंद पर गली में टपकाया. कैच मुश्किल था, लेकिन इंटरनेशनल लेवल पर ऐसे कैच पकड़े जाते रहे हैं.

हालांकि डेब्यू मैच खेल रहे कीटन जेनिंग्स ने खासा प्रभावित किया और कप्तान एलिस्टर कुक के साथ 99 रन की साझेदारी कर ली. इसी स्कोर पर कप्तान विराट ने गेंदबाजी में बदलाव किया और रवींद्र जडेजा की ओर गेंद उछाल दी. जडेजा ने ओवर की तीसरी ही गेंद पर कप्तान कुक (46) को क्रीज छोड़ने को मजबूर किया और विकेटकीपर पार्थिव पटेल ने कोई गलती नहीं की. कुक ने जडेजा को मिडविकेट के ऊपर से मारने की कोशिश की, लेकिन चूक गए. लंच के समय तक इंग्लैंड ने एक विकेट पर 117 रन बनाए. जो रूट (5) और कीटन जेनिंग्स (65) नाबाद लौटे.

टीम इंडिया में दो बदलाव किए गए, चोटिल अजिंक्य रहाणे और मोहम्मद शमी की जगह लोकेश राहुल और भुवनेश्वर कुमार को जगह दी गई है, जबकि इंग्लैंड की ओर से कीटन जेनिंग्स ने डेब्यू किया. कप्तान विराट कोहली ने जब से टीम इंडिया की टेस्ट टीम की कमान संभाली है, तब से पहले टेस्ट को छोड़ दें, तो टीम जीत का रिकॉर्ड बनाने की ओर अग्रसर है. लगातार चार टेस्ट सीरीजों में धमाल मचाने के बाद अब वह मुंबई टेस्ट में इंग्लैंड को हराकर पांचवीं पर भी कब्जा करना चाहेगी.

आखिरी बार श्रीलंका से हारे

विराट कोहली की कप्तानी में टेस्ट क्रिकेट में आखिरी हार अगस्त, 2015 में श्रीलंका के खिलाफ मिली थी. श्रीलंका ने अपनी ही धरती पर टीम इंडिया को गॉल टेस्ट में 10 विकेट से करारी मात दी थी. उसके बाद टीम इंडिया ने जो वापसी की, वह देखने लायक रही. उसने विराट की कप्तानी में 16 टेस्ट में से 12 में जीत दर्ज की है और चार मैच ड्रॉ खेले हैं और अब रिकॉर्ड की बराबरी करने जा रही है.

अब 29 साल के रिकॉर्ड की बराबरी का मौका

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भारतीय टीम इस समय अब लगातार 17 टेस्ट के अपराजेय रिकॉर्ड की बराबरी से महज एक मैच पीछे है. टीम  ने यह कमाल 1985 से 1987 के बीच किया था. इसकी शुरुआत 14 सितंबर 1985 को श्रीलंका के खिलाफ कैंडी में ड्रॉ टेस्ट से हुई और नौ मार्च 1987 को अहमदाबाद में पाकिस्तान के खिलाफ ड्रॉ रहे टेस्ट तक यह सिलसिला चला था. बेंगलुरू टेस्‍ट में टीम इंडिया की जीत का यह क्रम टूटा था. पाकिस्तान ने इस टेस्‍ट में 16 रन से जीत दर्ज की. उस अपराजेय अभियान में कपिल देव की अगुवाई वाली भारतीय टीम ने चार जीत दर्ज की थीं और बाकी मैच ड्रॉ रहे थे. वैसे अभी यह रिकॉर्ड महान ओपनर सुनील गावस्कर के नाम पर दर्ज है, जिनके नेतृत्व में टीम इंडिया लगातार 18 टेस्ट मैचों में अपराजेय रह चुकी है.

विराट के हो सकते हैं कैलेंडर में 1000 रन, करियर में 4000

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टेस्ट मैचों में विराट कोहली का बल्ला दो दोहरे शतक के साथ कमाल दिखा रहा है. उन्होंने इस साल 10 टेस्ट में 965 रन बनाए हैं. ऐसे में मुंबई में वह एक कैलेंडर ईयर में एक हजार रन को छू सकते हैं. साथ ही टेस्ट करियर में 4 हजार रन भी पूरा कर सकते हैं. वह अब तक 3959 रन बना चुके हैं और इससे 41 रन दूर हैं.

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