World Cup 2019: 27 साल बाद राउंड रॉबिन फॉर्मेट में होंगे मुकाबले, चुनौतीपूर्ण मानते हैं कोहली

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : 2019 पुरुष वर्ल्ड कप क्रिकेट की शुरुआत 30 मई से होने वाली है. इस टूर्नामेंट में 10 टीमें भाग ले रही हैं. सभी टीमें इंग्लैंड पहुंच चुकी है. इस वर्ल्ड कप की शुरुआत 30 मई से होगा जबकि इसका समापन 14 जुलाई को होगा. आज भारतीय टीम अपना अभ्यास मैच न्यूजीलैंड से खेल रही है.

आपको बता दें कि वनडे वर्ल्ड कप के अभ्यास मैच शुरू हो गए हैं. लंदन में भारत का आज न्यूजीलैंड से अभ्यास मैच होना है. मुख्य मुकाबले 30 मई से खेले जाएंगे. इस बार टूर्नामेंट का फॉर्मेट राउंड रॉबिन और नॉकआउट है. वर्ल्ड कप के 44 साल के इतिहास में दूसरी बार इस फॉर्मेट में टूर्नामेंट खेला जाएगा. इससे पहले 1992 में हुआ वर्ल्ड कप राउंड रॉबिन फॉर्मेट में खेला गया था. तब भारतीय टीम सेमीफाइनल में नहीं पहुंच पाई थी. भारतीय कप्तान विराट कोहली का मानना है कि फॉर्मेट बदलने के कारण यह अब तक सबसे चुनौतीपूर्ण टूर्नामेंट होगा.

कोहली के मुताबिक, टूर्नामेंट के फॉर्मेट को देखते हुए निश्चित तौर पर यह अब तक का सबसे चुनौतीपूर्ण वर्ल्ड कप होगा. इसमें हिस्सा लेने वाली सभी टीमों को आप देखें तो वे एकदूसरे के काफी करीब हैं. यहां तक कि 2015 के मुकाबले अफगानिस्तान जैसी टीम ने काफी प्रगति की है. ऐसे में हर मैच में अपनी पूरी क्षमता के साथ खेलना होगा. यह एक अलग प्रकार की चुनौती है, जिससे सभी को सामंजस्य बैठाना होगा.

आईपीएल में ग्रुप स्टेज तक के मुकाबले इसी फॉर्मेट में खेले गए थे

राउंड रॉबिन फॉर्मेट में टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी टीमें एक दूसरे के खिलाफ खेलती हैं. हाल ही में खत्म हुई इंडियन प्रीमियर लीग में प्लेऑफ से पहले के मुकाबले राउंड रॉबिन फॉर्मेट में ही खेले गए थे. इस बार वर्ल्ड कप में 10 टीमें हिस्सा ले रही हैं. ऐसे में सभी टीमों को 9-9 मैच खेलने होंगे. हर मैच जीतने पर एक निश्चित अंक मिलेंगे. इस तरह शीर्ष-4 में रहने वाली टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी.

उसके बाद नॉकआउट दौर शुरू होगा, यानी एक मैच हारते ही टीम खिताब की दौड़ से बाहर हो जाएगी. अंक तालिका में नंबर-1 पर रहने वाली टीम का नंबर-4 से, जबकि नंबर-2 और नंबर-3 से मुकाबला होगा. दोनों मैच की विजेता फाइनल खेलेंगी.

राउंड रॉबिन फॉर्मेट के फायदे

टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी टीमों के बीच कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिलती है.

लीग के सारे मैच खत्म होने तक यह कहना मुश्किल होता है कि नॉकआउट में कौन-कौन सी टीमें पहुंचेंगी इसलिए टूर्नामेंट में अंत तक रोमांच बना रहता है.

बेहतर टीम हमेशा खिताब की दौड़ में बनी रहती है. ‘ग्रुप ऑफ डेथ’ जैसी कोई गुंजाइश नहीं बनती.

राउंड रॉबिन फॉर्मेट के नुकसान

– ज्यादा मैच होने के कारण टूर्नामेंट लंबा खिंचता है, इसलिए नतीजा देर से आता है.

– खिलाड़ियों के लिए फिटनेस से लेकर फॉर्म बरकरार रखने की चुनौती बढ़ती है.

– ज्यादा मैदान और मैच ऑफिशियल्स का इस्तेमाल करना पड़ता है.

सबसे ज्यादा 8 बार ग्रुप स्टेज एंड नॉकआउट फॉर्मेट में खेले गए वर्ल्ड कप के मैच

कब से कब तक        फॉर्मेट

1975 से 1987 तक   ग्रुप स्टेज एंड नॉकआउट

1992      राउंड रॉबिन एंड नॉकआउट

1996    ग्रुप स्टेज एंड नॉकआउट

1999 से 2003 तक   ग्रुप स्‍टेज एंड सुपर सिक्‍स

2007 से 2015 तक   ग्रुप स्टेज एंड नॉकआउट

2019*   राउंड रॉबिन एंड नॉकआउट

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