ANMMCH केे रोगी कल्याण समिति की बैठक, पुनः SOP बनाने का दिया गया निर्देश

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एएनएमएमसीएच केे रोगी कल्याण समिति की बैठक

गया(पंकज कुमार/प्रदीप रंजन): 19 मार्च 2018, आयुक्त मगध प्रमंडल श्री जितेंद्र श्रीवास्तव की अध्यक्षता में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के रोगी कल्याण समिति की बैठक उनके कार्यालय कक्ष में आयोजित की गई. बैठक में अस्पताल आपदा प्रबंधन के लिए बनाई गई एसओपी की समीक्षा की गई. अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. सुधीर कुमार सिन्हा द्वारा एसओपी प्रस्तुत किया गया. आयुक्त महोदय ने बनाए गए एसओपी में विवरण स्पष्ट नहीं रहने के लिए उन्हें पुनः एसओपी बनाने का निर्देश दिया. उन्होंने कहा कि एसओपी में स्पष्ट रहना चाहिए कि किस पदाधिकारी को किस कार्य के लिए जिम्मेवार बनाया गया है. यदि घटना के समय वह पदाधिकारी अनुपस्थित है तो उसके बदले किस पदाधिकारी की जिम्मेवारी होगी.

उन्होंने कहा कि एसओपी में स्पष्ट होना चाहिए कि खतरे की घंटी कौन बजाएगा. 15 मिनट के अंदर किन-किन पदाधिकारियों/कर्मियों को पहुंचना है. जिलाधिकारी को क्या करना है? वरीय पुलिस अधीक्षक को क्या करना है?  यातायात की व्यवस्था के लिए कौन पदाधिकारी जिम्मेवार है? और इस तरह से पुनः विस्तृत एसओपी पुनः प्रस्तुत करने का निर्देश अधीक्षक को दिया गया.

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बैठक में अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने बताया कि ट्रामा सेंटर की स्वीकृति विभाग से प्राप्त हो गई है पांच करोड़ रुपए की लागत से भवन निर्माण की स्वीकृति मिली है, जिनमें से एक करोड़ रुपए का आवंटन प्राप्त हो गया है. अधीक्षक ने बताया कि बिजली के काम के लिए एक करोड़ 62 लाख रुपये का, मेडिकल कॉलेज में 200 केवीए का ट्रांसफार्मर लगवाने हेतु इंडिया पावर को ₹8 लाख उपलब्ध कराने का प्रस्ताव विभाग को भेजा गया है. एंबुलेंस के लिए आवंटन की मांग की गई है. चिकित्सकों के रिक्त पदों के विरुद्ध संविदा पर चिकित्सक रखने का प्रस्ताव प्रेषित है. जिस पर स्वीकृति मिलना बाकी है.

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जल निकासी की व्यवस्था के लिए एवं सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट आउटसोर्सिंग से कराने के लिए 4 करोड़ 38 लाख रु0 की मिलने की जानकारी दी गई. उन्होंने कहा कि चतुर्थ वर्गीय कर्मियों के रिक्ति के विरुद्ध कर्मियों को रखने का प्रस्ताव लंबित है. चार मंजिला आपातकालीन भवन के निर्माण का प्रस्ताव भेजा गया था. तत्काल दो मंजिला भवन के लिए विभाग से स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गयी है. सौ बिस्तर वाला मैटरनिटी चिल्ड्रन होम का कार्य प्रारंभ नहीं होने की जानकारी दी गई. अधीक्षक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज या सदर अस्पताल में गैलरी युक्त शवगृह बनवाया जाना था ताकि छात्रों को पढ़ाने के समय उन्हें शव दिखलाया जा सके.

बैठक में आयुक्त महोदय ने एमडीआर (मैटरनल डेथ रिव्यू) प्रसव के दौरान माता की मृत्यु की समीक्षा एवं सीडीआर (चाइल्ड डेथ रिव्यु) प्रसव के दौरान शिशु की मृत्यु की समीक्षा नियमित रूप से करने का निदेश दिया. स्त्री रोग के विभागाध्यक्ष डॉक्टर ज्योति बाला ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में एमडीआर और सीडीआर की समीक्षा नियमित रूप से की जा रही है. बैठक में आयुक्त महोदय ने कहा कि चिकित्सकों की सेवा का स्तर ऐसा होना चाहिए कि मरीज एवं उनके परिजन संतुष्ट हो सकें.

उन्होंने कहा कि यदि चिकित्सक पूरी तन्मयता के साथ अपनी सेवा प्रदान करेंगे तो जनता भी उन्हें उसी के रूप अनुरूप सम्मान देगी. यद्यपि स्पष्ट एसओपी नहीं प्रस्तुत होने पर औपचारिक बैठक ही हो पायी. बैठक में रोगी कल्याण समिति के सदस्य अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुशील कुमार महतो, उप निदेशक जन सम्पर्क उपस्थित थे.

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