सही तरीके से कार्य नहीं करने वाले शिक्षकों के विरुद्ध करें कार्रवाई : डीएम

गया :  जिलाधिकारी कुमार रवि की अध्यक्षता में आज शनिवार को समाहरणालय सभागार में शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षा बैठक हुई . बैठक में उप विकास आयुक्त, जिला शिक्षा पदाधिकारी, सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी सहित शिक्षा विभाग के कर्मी मौजूद थे. समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा बच्चों को उपलब्ध करायें, ये बच्चे हमारे भविष्य है, इनके भविष्य के साथ खिलवाड ना करें.

सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि यह सुनिश्चित करें कि शिक्षकों के द्वारा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है. साथ ही विद्यालय में निरीक्षण में वैसे शिक्षक जो सही ढंग से शिक्षा नहीं दे पा रहे हैं, तथा वे शैक्षणिक रूप से काफी कमजोर है, उन्हें चिन्हित कर उनके विरूद्ध कार्रवाई करना सुनिश्चित करें. अगले बैठक में कम से कम पांच वैसे शिक्षकों को चिहिन्त कर कार्रवाई करते हुये प्रतिवेदित करेंगें. आगे उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें प्राप्त हो रही हैं कि कई विद्यालयों में बिना सूचना के लम्बे समय से शिक्षक अनुपस्थित रह रहे हैं और वैसे शिक्षक जो विद्यालय में शिक्षण कार्य के बजाये कहीं और कार्य कर रहें हैं, उन्हें चिन्हित करते हुये उनकी विरूद्ध सख्त कार्रवाई के लिए उनके नियोजन इकाई एवं जिला को अनुशंसा करना सुनिश्चित करेगें.

सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारियों को निदेश दिया गया कि प्रत्येक माहीने के निरीक्षण में शिक्षकों पर किये गए कार्रवाई प्रतिवेदन आवश्यक रूप से समर्पित करेंगें. वे अपने-अपने प्रखण्ड के विद्यालयों में वर्गवार शिक्षकों को नामित करते हुये उनके उपर दायित्व सुनिश्चित करायेंगें.जिलाधिकारी ने सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारीयों को निदेश दिया गया कि अपने-अपने प्रखण्ड के विद्यालयों के निरीक्षण में गुणवतापूर्ण शिक्षा पर विशेष ध्यान दें, तथा मध्याहन भोजन के निरीक्षण में खाद्यान के स्टॉक फेरिफिकेशन करना सुनिश्चित करें. साथ हीं निर्धारित निरीक्षण का प्लान पहले से समर्पित करेगें. चहार दिवारी की आवश्यकता वाले वैसे विद्यालयों की सूचि अविलम्ब भेंजे जहाँ इसकी अत्यन्त आवश्यकता है, एवं भूमि की उपलब्धता हो.
जिलाधिकारी ने बैठक में क्या-क्या दिए आदेश यहां जानिए…
खुले में अथवा पेड़ के नीचे चलाये जाने वाले विद्यालयों के संबंध में जिला पदाधिकारी, के द्वारा निदेश दिया गया कि किसी भी रूप में वैसी अवस्था में विद्यालयों का संचालन नहीं किया जाये जहां कि बच्चों को खतरा हो. इसके बदले नजदीक के अन्य विद्यालयों में शिफ्ट करायें. यदि संभव हो तो किसी अन्य सरकारी भवन यथा सामुदायिक भवन में शिफ्ट कराना सुनिश्चित करेंगें. शिफ्ट कराये गये विद्यालय एवं मूल विद्यालय के सभी तरह की पंजी आदि का संधारण भी अलग- अलग किया जायेगा.

सभी बीईओ को कहा गया कि वे सुनिश्चित करें कि छा़त्रों को मिलने वाली योजनाओं का लाभ तथा पोषाक, छात्रवृति आदि की राशि उनके खाता में हस्तांतरित की जा चुकी है. इसका प्रतिवेदन अनिवार्य रूप से जिला कार्यालय को उपलब्ध करायेगें.

जिलाधिकारी के द्वारा प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारी, मोहनपुर से पूछे जाने पर किसी भी योजना एवं कार्यक्रम की जानकारी नहीं देने और ना ही क्षेत्र में किये गये निरीक्षण का जबाव दिये जाने के साथ हीं कोई प्रतिवेदन नहीं समर्पित करने के कारण जिला शिक्षा पदाधिकारी, गया को स्पष्टीकरण पूछते हुए उनके वेतन पर रोक लगाने का आदेश दिया गया.

कुछ प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि कुछ शिक्षक शिक्षण के अलाबे प्रेस रिपोर्टर का भी कार्य करते है, जिसपर जिला पदाधिकारी, गया के द्वारा निदेश दिया गया कि वैसे शिक्षकों को चिन्हित कर उनसे एफिडेविट प्राप्त कर ले कि वे शिक्षण के अलावा प्रेस रिपोर्टर आदि का कार्य नही कर रहे हॅै.

कस्तुरबा गाँधी बालिका विद्यालय क्रमशः मानपुर में 86, परैया में 86, बथानी में 85, शेरघाटी में 90, कोंच में 86, टिकारी में 87, आमस में 91 वजीरगंज में 92 तथा गुरूआ में 93 छात्राओं के नामांकन पर नाराजगी प्रकट करते हुये जिलाधिकारी के द्वारा सभी प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारियों को एक सप्ताह के अन्दर शत-प्रतिशत नामांकन कराने का निदेश दिया गया .

जिला पदाधिकारी के द्वारा चहारदिवारी की आवश्यकता बाले कस्तुरबा गाँधी बालिका विद्यालय की सूची प्राक्कलन के साथ प्रतिवेदित करने हेतु जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सर्व शिक्षा अभियान,एवं सहायक अभियंता, बिहार षिक्षा परियोजना को एक सप्ताह के अन्दर उपलब्ध कराने को निदेश दिया गया.

जिलाधिकारी ने कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालय, मानपुर में 20/06/17 तक वजीरगंज में एक सप्ताह के अन्दर बच्चियों को शिफ्ट कराने निदेश दिया गया. कुछ प्रखण्ड शिक्षा पदाधिकारियों द्वारा बताया गया कि जिविका के द्वारा गलत प्रतिवेदन दे दिया जाता है जिससे कार्रवाई करने में परेशानी आती है. इस संबंध में जिलाधिकारी द्वारा निर्देश दिया गया कि जिविका के द्वारा दिये गये गलत प्रतिवेदन के संबंध में  लिखित रूप से प्रतिवेदन दें ना कि मौखिक रूप से. ताकि उसकी जाँच की जा सके.

जिलाधिकारी ने कहा कि विगत दिनों कुछ विद्यालयों में शराब एवं आपत्तिजनक सामाग्रियॉ प्राप्त होने घटना हुई है,  उनके द्वारा निदेश दिया गया कि जिन विद्यालयों में शराब अथवा अन्य किसी भी तरह की कोई आपत्तिजनक वस्तुएं प्राप्त होने पर संबंधित प्रभारी/ प्रधानाध्यापक के ऊपर कार्रवाई की जायगी.

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