सरकारी विद्यालयों की दशा सुधारने की आवश्यकता : कृष्ण

गया: सरकारी विद्यालयों की दशा-दिशा और शैक्षणिक स्तर को सुधारने की आवश्यकता है. अधिकांश सरकारी विद्यालयों का स्तर अत्यंत ही दयनीय और निदंनीय है. यह बातें विधान पार्षद सह भाजपा नेता कृष्ण कुमार सिंह उर्फ कुमार बाबू ने कही.  श्री सिंह ने कहा कि सरकारी विद्यालयों की इसी दुर्दशा का लाभ निजी विद्यालय उठा रहे हैं. 

फलस्वरुप निजी विद्यालय शिक्षा के मंदिरों के स्थान पर व्यापारिक संस्था में तब्दील होकर रह गया है. इन विद्यालयों द्वारा प्रत्येक वर्ष अभिभावकों पर दबाव बनाकर स्कूल बस, यूनिफार्म, जूते, किताब-कॉपी, पिकनिक आदि के नाम पर मनमाने ढंग से जबरदस्ती अवैध पैसों की वसूली की जाती है. यहां तक कि इन निजी विद्यालयों द्वारा विद्यालय परित्याग प्रमाण-पत्र(टीसी) देने के नाम पर भी बच्चों के अभिभावकों से अवैध रुप से धनराशि वसूली जाती है. कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि बच्चों के भविष्य को संवारने के चक्कर में अभिभावक भी आर्थिक कठिनाइयां झेलते हुए, दूसरे आवश्यक खर्चों में कटौती कर अपना पेट काटकर भी विद्यालयों के अवैध मांगों को पूरा करते हैं. 

विधान पार्षद श्री सिंह ने बिहार सरकार से राज्य में शिक्षा की बदहाल स्थिति को सुधारने के लिए शिक्षा में गुणात्मक परिवर्तन करने की मांग की है. कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि राज्य में शिक्षा के स्तर में गुणात्मक सुधार करने में तो समय लगेगा. लेकिन, इससे पहले यह जरुरी है कि राज्य सरकार इन निजी विद्यालयों की मनमानी पर अंकुश लगाए. 

ताकि लोगों की खून-पसीने की कमाई का दोहन करने से उन्हें रोका जा सके. उन्होंने राज्य सरकार से निजी विद्यालयों के लिए लागू नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित कराने की भी मांग की है. साथ ही निजी विद्यालयों पर अंकुश लगाकर इनके संचालकों की दादागिरी को तत्काल रोकने की अपील की है.

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