इस खतरे को नजरअंदाज किया तो बंद हो जाएगा आपका स्मार्टफोन !

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : भारत बहुत तेजी से डिजिटल होते जा रहा है. इसमें सबसे अहम योगदान स्मार्टफोन का है. लेकिन क्या आपको मालूम है भारत में हर पांच में से एक मोबाइल या कंप्यूटर मैलवेयर वायरस का शिकार है. यूके बेस्ड टेक्नोलॉजी रिसर्च ने इस बात का खुलासा किया है. वहीं, साइबर सिक्योरिटी के इस सर्वे में भारत 46वें नंबर पर रहा. इस सर्वे में कुल 60 देशों का डाटा लिया गया था. इस रिसर्च के आंकड़े इंटरनेशनल टेलीकम्यूनिकेशन यूनियन, साइबर सिक्योरिटी फर्म कासपिरेसी लैब में तैयार किए गए.

मैलवेयर एक तरह का कंप्यूटर सॉफ्टवेयर ही होता है. लेकिन इंटरनेट की दुनिया में मैलवेयर (वायरस) सबसे बड़ा खतरा हैं. कंप्यूटर को नुकसान पहुंचाने के लिये मैलवेयर को बनाया जाता हैं. ताकि वह हमारे या किसी स्पेसिफिक यूजर के कंप्यूटर को नुक्सान पहुँचायें.

सिस्टम में कैसे पहुंचता है मैलवेयर – 

मैलवेयर आपके कंप्यूटर में कई तरीको से आ सकते हैं. जैसे- या तो आप खुद ही उन्हें गलती से डाउनलोड कर ले या किसी स्पैम ईमेल के जरिये या किसी वेबसाइट के जरिये क्यूंकि ऐसी कई वेबसाइट हैं जिन पर मैलवेयर की लिंक उपलब्ध है और एक ही दिन में लोगों को ढेरों स्पैम ईमेल आते हैं इनमें से कितने ही लोग मैलवेयर डाउनलोड भी कर लेते हैं और इनका सीकार हो जाते हैं.

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इससे क्या खतरा है –

  • ग्लोबल साइबर सिक्योरिटी कंपनी पालो आल्टो की रिसर्च के मुताबिक, मैलवेयर गूगल क्रोम में सेव किए गए यूज़रनेम, पासवर्ड्स और क्रेडिट कार्ड की जानकारियां हैक कर सकता है.
  • ये वायरस मोबाइल यूज़र्स के लिए भी खतरा साबित हो रहा है, जिसके चलते यूज़र्स के iOS में बैकअप लेने पर आईफोन्स के टैक्स्ट मैसेज भी हैक किए जा रहे हैं.
  • यह क्रोम में सेव पासवर्ड्स और मैक पर आईट्यून्स बैकअप्स लेने से आईफोन्स के टैक्स्ट मैसेज चुराता है.
  • हैकर अगर सफल होते हैं तो वे शिकार के एक्सचेंज अकाउंट और वॉलेट पर पूरा नियंत्रण कर लेते हैं. शिकार के फंड का इस्तेमाल करने के अधिकारी हो जाते हैं क्योंकि वह खुद यूज़र बन चुके होते हैं.
  • कई मैलवेयर अवांछनीय ईमेल भेजने और कंप्यूटर पर गोपनीय और अश्लील संदेश भेजने और प्राप्त करने का काम करते हैं.

मैलवेयर कई प्रकार के होते है-

  • Virus malware
  • Worms (वोर्म्स)
  • Trojan horse (ट्रोजन हॉर्स)
  • Ransomware (रैनसमवेयर)
  • Spyware (स्पाईवेयर)
  • Adware (ऐडवेयर)

इन खतरों से कैसे बचें –

  •  मैलवेयर से बचाव हेतु सुरक्षित ब्राउज़िंग सबसे अच्छा प्रयास होता है.
  • किसी भी अननोन लिंक को क्लिक न करें.
  • अननोन सेंडर की तरफ से भेजे गए मेल पर क्लिक नहीं करें.
  • हमेशा अपने स्मार्टफोन को अपडेट करते रहें.
  •  प्रीमियम एंटीवायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें.
  • किसी भी अननोन वेबसाइट से कोई ऐप इंस्टॉल न करें.
  •  गूगल प्ले स्टोर पर मौजूद अननोन ऐप्स अपने फोन में इंस्टॉल न करें.

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राजनीति, क्राइम और खेलकूद....

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