कैसे होगा शिक्षा में सुधार, छात्र हैं बुकलेस और शिक्षक वेतनलेस

जमुई : सूबे के शिक्षकों की दुर्दशा किसी से छिपी नहीं है. साथ ही बिहार ही एक ऐसा राज्य है, जहां छात्र बुकलेस होकर अध्यनरत हैं और शिक्षक वेतनलेस होकर भी शिक्षा बांट रहे हैं.

उक्त बातें बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला सचिव जवाहर प्रसाद यादव ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कही. जवाहर प्रसाद ने कहा कि बिहार में नियोजित शिक्षकों के साथ सरकार सौतेला व्यवहार कर रही है जो न्यायोचित नहीं है. उन्होंने कहा कि समान काम के बदले समान वेतन न देना शिक्षकों के साथ धोखा है और यह शिक्षकों के साथ सौतेलेपन के व्यवहार को भी दर्शाता है.

जिला सचिव ने कहा कि सरकार विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों को किताब तक नहीं उपलब्ध करा रही. सरकारी विद्यालयों में पढनेवाले छात्र बुकलेस होकर पढ़ाई करने को विवश हैं. वहीं दूसरी तरफ नियोजित शिक्षकों को समय पर वेतन भी नहीं दिया जा रहा जिससे उनके परिवार के बीच जीवनयापन की विकट समस्या बन आ खड़ी होती है. यादव ने कहा कि विगत तीन माह से नियोजित शिक्षकों को वेतन नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है.

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