जमुई में लगातार गिर रहे जलस्तर को बरकरार रखने के लिए हरसंभव कदम उठाया जाएगा : फिरोज आलम

जमुई, (राजेश कुमार) : अधिकारी पारंपरिक आहार, तालाब, पोखर तथा पैइन का जीर्णोद्धार करना सुनिश्चित करें. ताकि जिले का जल स्तर बरकरार रह सके. वर्षा के जल को और अन्य जल श्रोतों को भी संचित करने का प्रयास करें. इससे जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में पानी का जलस्तर बरकरार रहेगा. उक्त बातें राज्य सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री सह जमुई के जिला प्रभारी मंत्री मोहम्मद खुर्शीद उर्फ फिरोज आलम ने जमुई में कही है.

वे शनिवार को समाहरणालय के संवाद कक्ष में सुखाड़ को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे. बैठक के दौरान प्रभारी मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि वे मनरेगा और लघु सिंचाई विभाग के माध्यम से सभी पारंपरिक आहार, पइन, पोखर, तालाब आदी का जीर्णोद्धार करना सुनिश्चित करें. लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश देते हुए मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में पारंपरिक जल श्रोतों का भी जीर्णोद्धार करना सुनिश्चित करें.

मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्ष के बारिश का आंकड़ा बता रहा है कि जमुई में बारिश कम होने से खेती प्रभावित हुई है. उन्होंने वैकल्पिक खेती पर जोर देते हुए कहा कि वैकल्पिक खेती के लिए किसानों को प्रेरित करें. मंत्री ने कहा कि जुलाई माह में पिछले वर्षों की तरह ही कम बारिश हुई है.

उन्होंने कहा कि जिले के सिकंदरा और अलीगंज प्रखंड में बारिश की स्थिति सबसे ज्यादा खराब है. मंत्री ने कहा कि जिन क्षेत्रों में अभी तक धान का बिचड़ा नहीं तैयार हुआ है वैसे क्षेत्रों के किसानों को वैकल्पिक फसल योजना के तहत मूंग, अरहर, तोरई की रोपाई करने के लिए भी प्रेरित करें.

मंत्री ने जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं के तहत लगाए गए खराब पड़े चापाकल को चिन्हित कर उनका मरम्मती कराने का भी निर्देश दिया. प्रभारी मंत्री ने कहा कि जल जीवन हरियाली अभियान के तहत पूरे जिले में वन एवं पर्यावरण विभाग की ओर से 8 लाख 50 हजार पौधा लगाया जाएगा. वहीं आम लोगों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से 1 लाख 50 हजार पौधा सड़क के किनारे अथवा आहार पोकर और तालाब के किनारे भी लगाया जाएगा.

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