AK-47 लिए जंगल में पहुंच गए एसपी जयंतकांत, जानिए फिर क्या हुआ

जमुई : अपनी जांबाजी को लेकर एक बार फिर से जमुई के एसपी जयंतकांत चर्चा में हैं. एसपी की चर्चा इस बार जिले के लछुआड़ के जंगलों में स्थित अति संवेदनशील नक्सल प्रभावित क्षेत्र कुंडघाट में बगैर लाव लश्कर के पहुंचने को लेकर है. सोमवार की देर रात कुंडघाट से अगवा एक निजी कंस्ट्रक्शन कंपनी के दो नाईट गार्डों की जंगल में ले जाकर हत्या किए जाने के बाद दोनों के शव को लेकर वापस लौटती पुलिस व ग्रामीणों की नजर जब हाथ में AK -47 लिए एसपी जयंतकांत पर पड़ी तो सभी चौंक पड़े.

एसपी जयंतकांत अपने चार-पांच सुरक्षा कर्मियों के साथ बीच जंगल में आ धमके थे. लोग आश्चर्यचकित इस बात को लेकर ज्यादा थे कि बगैर किसी तैयारी के जंगल के बीचोबीच एसपी का पहुंचना किसी खतरे से कम नहीं था. चर्चा इस बात को लेकर भी ज्यादा थी कि एक घटना को अंजाम देकर अक्सर नकस्ली ऐसे ही मौके की तलाश में रहते हैं और वापसी में फिर से किसी बड़ी घटना को अंजाम दे डालते हैं.

एसपी के बीच जंगल में आ धमकने की जानकारी मौके पर मौजूद जमुई एवं सिकंदरा के थानाध्यक्षों क्रमशः संजय विश्वास एवं वीरभद्र सिंह तथा राजेश ठाकुर को भी नहीं थी. घटनास्थल पर पहुंचकर एसपी जयंतकांत ने गहन पड़ताल की. इसी दरम्यान घटनास्थल से कुछ ही दूरी पर एसपी की नजर वहां जमीन पर गिरे एक मोबाइल पर पड़ी जो संभवतः मृतक गांगुली का है. एसपी ने जन्मस्थान जाने के रास्ते में आगे बढ़कर पहाड़ की तलहटी तक जाकर मुआयना किया.

इस दौरान एसपी खुद ही हाथों में एके-47 थामे रहे. एसपी के साथ एसडीपीओ मो.निशार अहमद साह भी साथ थे. यहां बता दें कि लगभग एक दशक पुर्व खैरा थानाक्षेत्र के रोपावेल के जंगलों में ऐसी ही घटना घटी थी. जब नक्सलियों द्वारा गोपालपुर पंचायत के मुखिया की हत्या के बाद शव को लाने गए प्रशासनिक काफिले पर नक्सलियों ने हमला कर दिया था. जिसमें मौके पर से जिले के कई आलाधिकारियों को जान बचाकर भागना पड़ा था.

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