जमुई में दो दिवसीय पशुधन मेला का शुभारंभ, किसानों को दी गई जानकारी

पशु धन मेला में पशु पालकों को दी गई जानकारी

लाइव सिटीज, जमुई(राजेश कुमार) : जिला पशु पालन एवं कृषि विज्ञान केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय पशुधन विकास मिशन कार्यक्रम के तहत जिला स्तरीय पशुधन मेला पशु प्रदर्शनी का शुभारंभ सोमवार को अनुमंडलीय पशु चिकित्सालय में किया गया. मौके पर जिला पशुपालन पदाधिकारी  विद्यानंद सिंह ने  दो दिवसीय  मेला के आयोजन  का उद्देश्य  एवं महत्व  को रेखांकित करते हुए किसानों को  पंजीकरण के फायदे  से रूबरू कराया.

उन्होंने मेला के दूसरे दिन अच्छे नस्ल के पशुओं  तथा ज्यादा दूध देने वाली  पशुओं को पुरस्कृत  किए जाने  की जानकारी देते हुए कहा कि पशु पालकों  के उत्साहवर्धन  के लिए यह सब  किया जा रहा है. मेला में पशुपालकों को चारा प्रबंधन एवं अधिक से अधिक दुग्ध उत्पादन के उपायों की जानकारी कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रमोद कुमार सिंह द्वारा दी गई.

उन्होंने पशुओं को चारा खिलाने से पहले चारे की पौष्टिकता, सुपाच्य व स्वादिष्ट होने के साथ ही स्वास्थ्य के लिए हानिकारक ना होने की जांच कर लेने पर जोर दिया. मौके पर पशु शल्य चिकित्सक डॉ विनोद कुमार सिंह ने पशुओं में बांझपन पशुपालकों के लिए बड़ी समस्या के रूप में सामने आने की चर्चा करते हुए कहा कि इसके लिए पशुओं को संतुलित आहार नहीं मिलना सबसे महत्वपूर्ण कारण है.

उन्होंने पशुओं को हरे चारे के साथ साथ समुचित मात्रा में पौष्टिक आहार दिए जाने व प्रतिदिन 50 ग्राम नमक खिलाने की सलाह दी. झाझा के टीवीओ डॉक्टर कुंदन मिश्रा ने पशुओं के रखरखाव एवं प्रबंधन की जानकारी दी जबकि नवजात बछड़े की देखभाल के लिए डॉ सचिन कुमार, टीकाकरण एवं कृमि नाशक के संदर्भ में डॉक्टर रामानुज प्रसाद तथा पशुओं में समसामयिक रोग एवं उसके उपचार की जानकारी डॉक्टर सुबोध कुमार सक्सेना ने विस्तारपूर्वक दी. पशुधन मेला में आए पशुपालक राम दिनेश शर्मा ने  विभाग के माध्यम से देसी नस्लों को बढ़ावा देने  तथा क्षेत्रीय नस्लों को विकसित करने पर जोर दिया.

मौके पर डॉक्टर साहिल प्रवीण डॉ शंकर शरण डॉ प्रमोद कुमार सहित पशुपालक शंकर सिंह विपिन मंडल समाजसेवी भवानंद सहित सैकड़ों किसानों ने भाग लिया मंच संचालन कृषि वैज्ञानिक डॉ प्रमोद कुमार सिंह कर रहे थे. पशुधन मेला पर आचार संहिता की मार पड़ी और विधिवत उद्घाटन नहीं हो सका. मेला का उद्घाटन जिलाधिकारी को करना था.

प्रदेश की सरकार भले ही कृषि के विकास में पशुपालन के साथ मछली पालन पर जोर दे रही है. लेकिन जिला स्तरीय कार्यक्रम में मत्स्य पदाधिकारी रजनीश कुमार की उपस्थिति नहीं हो पाई. कई मत्स्य पालक आवश्यक जानकारी के लिए मत्स्य पालन पदाधिकारी की तलाश कर रहे थे.

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