कांवरियों की सेवा के लिए कांवरिया मार्ग पर फिर पहुंचे जमुई के सेवक

जमुई डाक कांवर सेवा समिति के सदस्य

जमुई, (राजेश कुमार) : 21 वर्ष पूर्व 1998 में कांवर लेकर पैदल सुल्तानगंज से बाबाधाम जानेवाले कांवरिया शिव भक्तों की सेवा करने की भावना अनवरत अबतक जारी है. जमुई डाक कांवर सेवा समिति के सदस्य हर साल सावन के महीने में सुल्तानगंज से देवघर कांवरिया मार्ग स्थित दसपसैया के समीप निशुल्क शिविर लगाते हैं. जहां कांवरियों की सेवा के साथ साथ उनके लिए नींबू पानी, शरबत, दवा तथा गर्म पानी के अलावे फल और खाने की व्यवस्था की जाती है.

समिति के स्वयंसेवकों में सेवा भावना का जुनून ऐसा है कि बीते 21 वर्षों से  कांवरिया  मार्ग में  सेवा शिविर लगाकर कांवरियों की सेवा की तैयारी हफ्तों पहले शुरू हो जाती है. जिसके लिए जमुई शहर में बाजाप्ता लाउडस्पीकर लगाकर ऑटो से प्रचार प्रसार तक कराया जाता है. इसी कड़ी में गुरुवार को सुल्तानगंज देेेेवघर कांवरिया मार्ग स्थित दसपसैया मेें कांवरिया सेवा शिविर का शुभारंभ किया गया.

सुल्तानगंज से देवघर जाने के रास्ते में दसपसैया धर्मशाला के समीप शिविर का उद्घाटन सेवा समिति के अध्यक्ष राजीव रंजन भालोटिया ने किया. इस मौके पर सचिव मनमोहन प्रसाद, मेला संचालक संतोष कुमार सिंह, सुनील सर्राफ, अरविंद कुमार, सुनील मोदी, अशोक कुमार राय समेत समिति के कई सदस्य मौजूद थे.

भालोटिया ने बताया कि श्रद्धालुओं के सहयोग से यह शिविर लगाया जाता है. शिविर में कांवरियों के लिए नीबू पानी, शरबत, दवा, गर्म पानी के अलावे फल और खाने की व्यवस्था की निशुल्क व्यवस्था की जाती है. इसके लिए जमुई के व्यवसायी और आम लोग श्रद्धा निवेदित करते हैं. 21 वर्ष पहले इस शिविर की शुरुआत स्थाई धर्मशाला के निर्माण में महत्वपूर्ण कारक बना. सुल्तानगंज से चलने वाले कांवरियों को जमुई के शिविर का इंतजार होता है. शिविर में भक्ति जागरण कार्यक्रम का आयोजन कांवरियों के लिए आकर्षण का केंद्र होता है.

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