जमुई की नक्सली वारदात याद करा गई जहानाबाद !

जमुई, राजेश कुमार : बीते मंगलवार की रात जमुई के मलयपुर बस्ती में हुई नक्सली वारदात तो एक बानगी भर है. दरअसल, नक्सलियों द्वारा की गई यह वारदात एक आहट है उस संभावित गंभीर खतरे की जिसकी आशंका इस नक्सल प्रभावित जिले में विगत कई वर्षों से बनी है. याद है ना जहानाबाद ! एक दशक से ज्यादा बीत चुके हैं पर बीती घटना आज भी रौंगटे खड़े कर देती है. हालांकि जमुई में स्थित वहां तक नहीं पहुंची है पर करीब जरूर है.

लोग सशंकित हैं, घबराहट इस बात को लेकर ज्यादा है कि सूचना के बावजूद पुलिस घटनास्थल पर वारदात के घंटे भर बाद पहुंचती है और तबतक नक्सलियों का एक बड़ा समूह इत्मीनान से लूटपाट की घटना को अंजाम देता है और चलता बनता है. हमलावरों की आक्रमकता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि योजना सुनियोजित थी. घनी आबादी वाली उस बस्ती में खुल कर उन्होंने इंसास और एके 47 जैसे अत्याधुनिक हथियार से सिर्फ गोलियां ही नहीं बरसायी बल्कि दो दो लोगों को गंभीर रूप से जख्मी कर लाखों की संपत्ति लूट ली. लगभग घंटे भर उस इलाके को दहशत के साये में रखा.

यही नहीं जानकारी यह भी आ रही है कि हमलावरों की तैयारी ऐसी थी कि वे विषम परिस्थिति में सुरक्षा बलों से मुकाबला कर उन्हें काफी नुकसान भी पहुंचा सकते थे. इसके लिए अत्याधुनिक हथियारों के साथ-साथ परंपरागत हथियार जिसमें तीर बिजड़ और खंती तथा कुल्हाड़ी भी शामिल हैं. उन्होंने अपने पास रख रखे थे ताकि अंधेरे में भागने के क्रम में उनका इस्तेमाल किया जा सके और सुरक्षा बलों को ज्यादा से ज्यादा नुकसान पहुंचाया जा सके.

इस वारदात की गंभीरता को जांच का विषय बता कर या फिर एकाध अधिकारियों पर गाज गिरा कर भले ही पर्दा डाला जा सकता है. पर स्थित की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि एक संवेदनशील इलाका जहां हजारों की घनी आबादी के बीच रेलवे स्टेशन तथा यॉर्ड हो और वहां से महज एक या दो किलोमीटर के दायरे में सीआरपीएफ कैंप, एक व्यवस्थित थाना और जीआरपी के दर्जनों जवान मौजूद रहते हों. उस स्थान पर शाम ढलते-ढलते दर्जनों की संख्या में हथियारबंद नक्सलियों का जुटान होना और बगैर किसी भनक के घटना को अंजाम तक पहुंचाना और बिना किसी प्रतिरोध के मिशन पूरा कर नक्सलियों का सुरक्षित वापस लौट जाना एक बड़े खतरे की आहट है.

घटना की तह में जाएं तो कहा जा सकता है कि वारदात को अंजाम तक पहुंचाने के पूर्व नक्सलियों ने काफी कुछ रेकी की होगी और पुख्ता तैयारी के साथ घटना को अंजाम दिया. सिस्टम को इस हमले से सीख लेनी होगी और सूचना तंत्र को कारगर बनाना होगा ताकि आनेवाला वाला कल सुरक्षित रहे.

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राजनीति, क्राइम और खेलकूद....

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