भारत-चीन सीमा पर झारखंड के लाल कुंदन ओझा शहीद, 7 साल से सेना में थे कार्यरत

लाइव सिटीज, सेंट्रल डेस्क : लद्दाख में चीनी सैनिकों से हुई हिंसक झड़प में मुफस्सिल थाना क्षेत्र के डिहारी गांव के कुंदन कुमार ओझा शहीद हो गए. वे रविशंकर ओझा के तीन पुत्रों में दूसरे नंबर पर थे. करीब सात साल से भारतीय सेना में कार्यरत थे. मंगलवार की शाम परिजनों को उनकी शहादत की सूचना मिली. इसके बाद गांव में चीख-पुकार मच गई.

शहीद जवान कुंदन ओझा की दो साल पहले शादी हुई थी. शादी के बाद पहली संतान 20 दिन पहले हुई थी. कुंदन की बेटी हुई थी. इस खबर के बाद वह काफी खुश थे और घरवालों को जल्द बेटी से मिलने आने का वादा किया था, लेकिन वह बेटी का चेहरा भी नहीं देख पाए और वह शहीद हो गए. 



परिजनों ने बताया कि वे 16 दानापुर रेजिमेंट के जवान थे. 2011 में रांची में भर्ती कैंप लगा था जिसमें कुंदन का चयन हुआ था. बताया जाता है कि पुत्री प्राप्ति की सूचना के बाद वह छुट्टी लेकर आने की तैयारी कर रहा था. पत्नी को फोन कर बताया था कि जल्द ही छुट्टी लेकर आएंगे तभी यह घटना हो गई.