बिहार से झारखंड आने वाली ट्रेन आज से बंद, झारखंड में आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू

रांची: प्रदेश सरकार के फैसले जिसमे बिहार से आने वाली ट्रेन को रद्द करने के रेलवे से आग्रह करने के बाद बिहार से झारखंड आ रही ट्रेनों को 13 जुलाई यानी आज से बंद करने का निर्णय रेलवे ने लिया है.  जिसपर पक्ष विपक्ष की राजनीति शुरू हो गई है. प्रदेश बीजेपी प्रवक्ता प्रतुल शाहदेव ने कहा कि यह साफ तौर पर बेतुका निर्णय है.

उन्होंने कहा कि हम हेमंत सरकार से जानना चाहेंगे क्या झारखंड में जो तबलीगी जमात ने आकर कोरोना फैलाया वो बिहार ने किया. हिंदपीढ़ी में जो पहला केस आया क्या बिहार से आया. तबलीगी जमात के लोगों जो सुदूर गांव के मस्जिदों में छिपे हुए थे क्या सरकार को भनक नहीं थी? क्या वह भी बिहार के रास्ते आए थे? यह  बेतुका निर्णय है.



झारखंड में कोरोना संक्रमण के टेस्ट की संख्या भी कम है? क्या इसके लिए भी बिहार को जिम्मेवार ठहराएंगे? ये बहुत ही गैर जिम्मेदाराना निर्णय है. इस निर्णय पर महागठबंधन के साथ ही कांग्रेस और आरजेडी चुप्पी साधी हुई है तो कहीं ना कहीं यह बिहार को अपमान करने वाली बात है.

साथ ही साथ उन्होंने यह भी कहा कि ट्रेनों को बंद करना कोई विकल्प नहीं. अगर आप संपूर्ण लॉकडाउन कर रहे होते तो ठीक था.

वहीं, इस विषय पर राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष ने मुख्यमंत्री के निर्णय का समर्थन करते हुए कहा है कि बिहार में लगातार संक्रमण बढ़ रहा है. इसे ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री ने यह निर्णय लिया है और जहां तक बिहार से भेदभाव का इल्जाम भारतीय जनता पार्टी ने लगाया है, वह सही नहीं है. खुद भारतीय जनता पार्टी ही शुरू से बिहार से भेदभाव करती आ रही है और भारतीय जनता पार्टी के गलत निर्णयों के कारण आज देश में कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है.