बढ़ई समाज का जिला सम्मेलन आयोजित

खगड़िया : स्थानीय रेड क्रॉस भवन में मंगलवार को विश्वकर्मा कास्ट शिल्पी विकास समिति का जिला सम्मेलन आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष बसंत शर्मा ने की.जबकि उद्घाटन प्रदेश महासचिव रामभरोस शर्मा एवं संगठन सचिव रामसेवक शर्मा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया.

 

वहीं सम्मेलन को संबोधित करते हुए प्रदेश महासचिव श्री शर्मा ने कहा कि बिहार सरकार इस समाज को ना तो हक दिला सकी और ना ही इस समाज के विपरित बने काले कानून को समाप्त ही करा सकी है. बिहार गैर वन क्षेत्र हैं. भारतीय वन अधिनियम 1927 को 1990 में संशोधन कर बढ़ई जाति के औजाार पर अंकुश लगाया गया. जबकि बढ़ई जाति में 98.2 प्रतिशत लोग भूमिहीन हैं जो मजदूरी कर अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं. उक्त संसोधन के तहत 18000 बढ़ई को जेल भेजा जा चूंका है.साथ ही उन्होंने कहा कि इस समाज को राजसत्ता से दूर रखा गया है.इस समाज के एक भी व्यक्ति विधानमंडल में नहीं हैं. जिस कारण हमारे समाज की समस्या सरकार तक नहीं पहुंच पाती है.  सरकार ने वादा किया था कि हमारे काम के विरुद्ध बनाए गए कानून को समाप्त कर देंगी लेकिन अबतक परिणाम शुन्य ही रहा है.

ऐसे में हमें अपने हक के लिए संघर्ष करने करने की जरूरत है. इस अवसर पर उन्होने कहा कि आगामी प्रदेश की बैठक में संघर्ष का शंखनाद किया जाएगा. इस समाज के लिए निर्माण कर्मकार कल्याण बनाया गया,जो श्रम संसाधन विभाग के अधीन है.वहीं श्रम विभाग में भ्रष्टाचार का आलम यह है कि सभी प्रखंड के एलईओ व उनके एजेंट के द्वारा अवैध राशि लेकर जो निर्माण श्रमिक नहीं हैं उसे निबंधित किया जा रहा है.जबकि बढ़ई जाति का निबंधन नहीं हो रहा है. समझौता के आधार पर जो संकल्प निर्गत किया गया है उसमें 15 हजार रूपये औजार का तब मिलेगा जब कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण प्राप्त करेगा.जबकि बढई समाज जन्मजात कुशल मिस्त्री होता है.मौके पर संगठन के सचिव रामसेवक शर्मा ने इस समाज के एकता पर बल दिया.कार्यक्रम मे राजद के जिलाध्यक्ष संजीव कुमार,प्रखंड अध्यक्ष विवेकानंद यादव,इनामुल हक,राजेन्द्र शर्मा आदि उपस्थित थें.सम्मेलन में सर्वसम्मति से जिला कमेटी का गठन भी किया गया.जिसमें जितेन्द्र शर्मा संरक्षक,मंटू शर्मा अध्यक्ष और अनुज शर्मा जिला सचिव बनाये गये.