व्यवस्थाओं का दंश झेलते बच्चे

खगड़िया : बच्चें देश का भविष्य होते हैं और यह तस्वीरें कह रही हैं कि देश का भविष्य आज वर्तमान व्यवस्था का दंश कैसे झेलने को मजबूर है | बात चाहें शहर के प्रतिष्ठित विद्यालय डी.ए.वी जाने के मुख्य मार्ग का हो या फिर महत्तपूर्ण माने जाने वाले एस.बी.मेमोरियल स्कूल,राजेन्द्र नगर का हो | बरसात में बच्चों को घर से स्कूल तक पहुंचना नाको चना चबाने के समान है|bilakhte-in

डी.ए.वी. चौक की स्थिति जलजमाव के कारण पैदल तक चलने लायक नहीं रह गया है| आये दिन बच्चें दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं | कभी बच्चों की ई-रिक्सा, कभी बाईक तो कभी साइकिल सवार दलदल में फंसकर गिर कर घायल हो रहे हैं | उल्लेखनीय है कि सरकारी व गैर-सरकारी विभागों के अधिकारिओं से भरा पडा चित्रगुप्तनगर एवं राजेन्द्र नगर के मुख्य मार्ग की यह दुर्दशा है | सत्तारूढ जद(यू) का जिला कार्यालय सहित जिलाध्यक्ष का आवास भी इसी मार्ग में अवस्थित है | बताते चलें कि केन्द्रिय विद्यालय सहित कई अन्य निजी स्कूल के बच्चों को भी स्कूल के लियें इधर से ही गुजरना पडता है| कुछ ऐसा ही हाल एस.बी.मेमोरियल के बच्चों का भी है |bilakhte

काफी प्रयास के बाद इधर के सड़क का निर्माण तो हुआ लेकिन जल निकासी की व्यवस्था के अभाव में बच्चों को पानी में चलना मजबूरी सा बन गया है | स्कूल के डायरेक्टर प्रभाकर झा कि मानें तो इस समस्या के निदान के लियें  पहल की गई लेकिन परिणाम शून्य ही निकला |आखिर इन व्यवस्थाओं में देश का भविष्य कैसे उज्जवल होगा,यह एक बड़ा सवाल है |