मांगों को लेकर रसोईया संघ ने दिया धरना

खगड़िया : अखिल भारतीय मिड डे मील वर्कर्स फेडरेशन के आह्वान पर शुक्रवार को एक दिवसीय देशव्यापी सांकेतिक हड़ताल के तहत बलुआही संकुल में धरना दिया गया. बिहार राज्य मिड डे मील वर्कर्स यूनियन रसोइया संघ ने इस हड़ताल का फैसला पूर्व में ही लिया था.
शुक्रवार को जिले की रसोईया अपने-अपने विद्यालय में मध्यान भोजन कार्य से खुद को अलग रखते हुए हड़ताल पर रहे. जिले के सभी बीआरसी पर प्रखंडवार धरना कार्यक्रम आयोजित किया गया . सभी अंचल के रसोइया संघ के नेताओं ने अपने-अपने बीईओ को 17 सूत्री मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा.मौके पर धरना को संबोधित करते हुए जिला संरक्षक संजय कुमार ने कहा कि भारत सरकार की श्रम आयोग की सिफारिश के मद्दे नजर 1800 रूपया प्रति माह मानदेय, सरकारी कर्मचारी घोषित करने, बिहार सरकार की घोषणा के मुताबिक तत्काल 2000 हजार मानदेय देने, जीवन बीमा में पांच लाख एवं दुर्घटना हेतु एक लाख की मांगों को लेकर आज हम लोग धरना दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस ऐतिहासिक हड़ताल के बावजूद अगर केंद्र की मोदी सरकार एवं बिहार की नीतीश सरकार की नींद नहीं खुली तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा.
धरना का अध्यक्षता कर रहे जिला अध्यक्ष नीतू देवी ने कहा कि विद्यालय के ही कैंपस में कार्यरत शिक्षकों को वेतन के साथ मातृका अवकाश एवं विशेष अवकाश की सुविधा है,लेकिन हम रसोइयाओं को इससे वंचित रखा गया है. उन्होंने कहा कि जीविका दीदी को विद्यालय एवं एमडीएम का निरीक्षण की जिम्मेदारी देकर प्रधानाध्यापक एवं शिक्षा समिति के अध्यक्ष की कार्यशैली व कार्यकुशलता पर सरकार ने सवाल किया है. जिसे सरकार को वापस लेना होगा. वही अंचल संरक्षक सुरेंद्र प्रसाद ने कहा कि कि सरकार को रसोइयाओं का हक देना होगा. पक्का किचन सेट के साथ ही सरकार को गैस उपलब्ध कराना होगा. एक तरफ गरीबों के घर में सरकार के द्वारा गैस दिया जा रहा है. वहीं दूसरी तरफ सरकारी कार्य में बच्चों के लिए भोजन बनाने के लिए कच्चे सूखे लकड़ी दी जानकारी रही है. मौके पर सुधीर कुमार, वीणा देवी, राजगीर सिंह, लक्ष्मी देवी, रानी देवी, मधुकर, अनीता देवी, अमीर कुमार, अमरेश कुमार आदि ने भी धरना को संबोधित किया. जबकि धरना में मीरा देवी, महबूबा खातून, हरेराम चौधरी, जय प्रकाश यादव समेत सैकड़ों की संख्या में रसोइया संघ की महिलाएं शामिल थीं.
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