खगड़िया डीएम ने लगाई सरकारी बाबुओं की क्लास, वक्त के पाबंद बनने का दिया संदेश

खगड़िया : सरकारी कार्यालय के बाबूओं के संदर्भ में आमलोगों के बीच एक पुरानी धारणा रही है कि ‘बारह बजे तक लेट नहीं और तीन बजे के बाद भेंट नहीं’. हलांकि वक्त के साथ हालात कुछ बदले हैं. बाबजूद इसके आज भी यह निश्चित तौर पर नहीं कहा जा सकता है कि बाबूएं बिल्कुल वक्त के पाबंद ही हो गये हैं और ड्यूटी समय से समय पर होने लगी है. उसकी एक बानगी जिले में नवपदस्थापित जिलाधिकारी अनिरूद्ध प्रसाद ने सोमवार को अपनी ऑखों से देखा और मौके पर ही उन्होंने जिले के पदाधिकारियों को एक स्पष्ट संदेश दे दिया कि लेट-लतीफी उन्हें पसंद नहीं और अब जिले के पदाधिकारियों को समय की पाबंदी रखनी होगी.

मामला जिले के विभिन्न विभागों के समीक्षात्मक बैठक के दौरान का था. बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी एवं विद्युत विभाग के कार्यपालक अभियंता विलंब से पहुंचने पर जिलाधिकारी ने दोनों ही पदाधिकारियों को कड़ी फटकार लगा दी. साथ ही उन्होंने मौके पर ही उपस्थित पदाधिकारियों को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि वे समय पर बैठक में आये और वक्त का पाबंद बने.

हलांकि यह मामला बैठक में विलंब से पहुंचने का था. लेकिन जिलाधिकारी के रूख से ऐसा माना जाने लगा है कि उन्हें लेट-लतीभी पसंद नहीं और वो वक्त के बिल्कुल पाबंद है. यदि इस बात में सच्चाई है तो निश्चय ही इसका असर आने वाले दिनों में जिले के विभिन्न सरकारी कार्यालय के कार्यशैली पर नजर आएगा. साथ ही आमजनों की समस्याओं के सामाधान सहित जिले के विकासात्मक कार्यों को एक नई गति मिलेगी.

बैठक में जिलाधिकारी ने सात निश्चय से संबंधित योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने व छात्रवृति वितरण संबंधी उपयोगिता प्रमाण पत्र भेजने का निर्देश दिया. वहीं मानवाधिकार, विधान सभा के लंबित प्रश्न, लोकायुक्त व लोक सूचना एवं लोक शिकायत निवारण संबंधी मामलों के निष्पादन को सर्वोच्य प्राथमिकता देने की बातें कहीं.

मौके पर भू-अर्जन पदाधिकारी दिनेश कुमार, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, खगड़िया व गोगरी के डीसीएलआर, सिविल सर्जन अरूण कुमार सिंह, जिला शिक्षा पदाधिकारी सुरेश साहू, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी कमल सिंह सहित कई अन्य पदाधिकारी मौजूद थे.