हड़ताली कार्यपालक सहायकों को काम पर लौटने के लिए 48 घंटे का अल्टीमेटम

खगड़िया : बिहार राज्य कार्यपालक सहायक सेवा संघ के आह्वान पर बीते 26 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये जिले के कार्यपालक सहायकों को 48 घंटे के अंदर काम पर लौटने का जिला प्रशासन ने अल्टीमेटम दिया है. इस संदर्भ में जिला अधिकारी कार्यालय के स्थापना शाखा से 31 मार्च को जारी किये गये पत्र में कहा गया है कि कार्यपालक सहायकों के अनुपस्थिति के कारण ना सिर्फ एकरारनामा शर्तों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि सरकारी कार्य भी बाधित हो रही है.

 

48 घंटों के भीतर वापिस आने को कहा गया

बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसायटी, पटना के प्रधान महासचिव सह मिशन निदेशक के पत्रांक 456 दिनांक 29 मार्च का हवाला देते हुए अनुपस्थित सभी कार्यपालक सहायकों को नियोजन से मुक्त करते हुए उनके स्थान पर किसी दूसरे कर्मी का जिला स्तर पर निर्मित पैनल के आधार पर नियोजन किये जाने की बात कही गई है. जिस आशय की प्रेस विज्ञप्ति भी जारी होने की जानकारी दी गई है. साथ ही पत्र के माध्यम से सभी कार्यपालक सहायकों को पत्र प्राप्ति के 48 घंटे के अंदर अपने कार्य स्थल या कार्यालय में योगदान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.

वहीं स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के भीतर यदि कार्यपालक सहायकों के द्वारा योगदान नहीं दिया जाता है तो यह माना जायेगा कि वो जानबुझ कर नियोजन के शर्तों का उल्लंघन के साथ-साथ सरकार की महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में बाधा उत्पन्न करना चाहते हैं. ऐसी स्थिति में सभी का नियोजन को रद्द करते हुए किसी अन्य कर्मी के नियोजन करने के साथ ही भविष्य में उनके किसी भी प्रकार के नियोजन के लिए अयोग्य घोषित कर देने की बातें कही गई है.

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दूसरी तरफ पांच सूत्री मांगों को लेकर जिले के कार्यपालक सहायकों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शनिवार को छठें दिन भी जारी रहा. साथ ही हड़ताली कर्मियों के द्वारा धरना-प्रदर्शन का सिलसिला भी जारी है. इधर सीपीआईएम के जिलाध्यक्ष संजय सिंह एवं युवा राजद के प्रदेश महासचिव चंदन यादव ने कार्यपालक सहायकों की मांगों व आंदोलन का समर्थन किया है.

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