एक स्कूल ऐसा भी जहां 15 दिनों से लटका है ताला, बंद है देश के भविष्य की किस्मत

खगड़िया : जी हां…जिले के परबत्ता प्रखंड में एक स्कूल ऐसा भी है जहां विगत 15 दिनों से ताला लटका हुआ है और बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है. मिली जानकारी के अनुसार प्रखंड के डुमरिया खुर्द के प्राथमिक विद्यालय जागृति टोला में गत 28 जनवरी से ही ताला लटका पड़ा है. बताया जाता है स्कूल प्रधान के कार्यप्रणाली से खफा होकर लोगों ने विद्यालय में ताला जड़ दिया है. हालांकि प्रखंड मुख्यालय स्थित सीपीआई कार्यालय में शनिवार को आयोजित एक बैठक में पार्टी नेता विपीनचन्द्र मिश्र एवं अंचल मंत्री कैलाश पासवान आदि ने महादलित व अतिपिछड़ा बाहुल्य इस गांव के इस विद्यालय की ताला खुलवाने पर बल दिया है.

ऐसा भी नहीं है इस मामले से जिले के शिक्षा विभाग व संबंघ इकाई के पदाधिकारी अनभिज्ञ हैं. बावजूद इसके विभाग के कानों पर विगत 15 दिनों में जूं तक नहीं रेंगी है.

गौरतलब है कि ग्रामीणों में पनपते आक्रोश को देखते हुए ग्राम पंचायत राज कबेला के नियोजन इकाई द्वारा 27 जनवरी को आरोपों से इतर रहने वाली प्राथमिक विद्यालय जागृति टोला में पदस्थापित एक शिक्षिका गिरजा देवी का स्थानांतरण प्राथमिक विद्यालय खरगपुरा कर दिया गया. बाबजूद इसके लोगों का आक्रोश ठंडा नहीं हुआ क्योंकि उनका निशाना कहीं और था. शिक्षिका गिरजा देवी के स्थानांतरण की खबरों के साथ ही लोगों का आक्रोश और भड़क गया और वो 28 जनवरी को स्कूल के कार्यालय आदि में ताला लगा दिया.

दूसरी तरफ नियोजन इकाई द्वारा 27 जनवरी को प्राथमिक विद्यालय खरगपुरा की शिक्षिका सुनीता कुमारी, रमीता कुमारी एवं शिक्षक राजेश कुमार का स्थानांतरण करते हुए सभी को प्राथमिक विद्यालय जागृति टोला में योगदान देने का निर्देश जारी किया था. लेकिन विद्यालय में तालाबंदी के कारण इन्हें भी नये स्कूल में योगदान के लिए बाट जोहना पड़ रहा है और साथ ही इन शिक्षकों के सामने असमंजसता की स्थित बनी हुई है.

बहरहाल वर्तमान व्यवस्थाओं के बीच विद्यालय के बच्चों की पढ़ाई 15 दिनों से ठप है. जी हां…उन्हीं बच्चों की जिसे देश का भविष्य माना जाता है और बंद तालों के बीच बंद है शायद देश के भविष्य की किस्मत.

देखें विडियो: