सम्राट के भाजपा में आने की खुशी के बीच सोशलसाइट पर छलका कार्यकर्ताओं का दर्द भी

खगड़िया : पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में रविवार को उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में ‘सबका साथ-सबका विकास’ कार्यक्रम के दौरान ‘हम’ पार्टी के नेता पूर्व मंत्री सम्राट चौधरी के भाजपा में शामिल होने पर जश्न का आलम था. वहीं दूसरी तरफ भाजपा के कुछ स्थानीय कार्यकर्ताओं का दर्द सोशल साइट पर छलक रहा था.
उल्लेखनीय है कि सम्राट चौधरी व उनके परिवार का राजनीतिक कर्मभूमि खगड़िया ही रही है. खुद सम्राट चौधरी जिले के परबत्ता विधान सभा क्षेत्र के विधायक रहे हैं तो वहीं उनके पिता खगड़िया संसदीय क्षेत्र के सांसद भी रह चुके हैं. दरअसल सम्राट चौधरी के परिवार का जिले की चुनावी राजनीति में वर्चस्व रहा है. विगत विधान सभा में भी उनके भाई रोहित चौधरी जिले के सदर सीट से राजग समर्थित ‘हम’ के प्रत्याशी रह चुके हैं.
दरअसल उनके चुनावी राजनीति का इतिहास ही कुछ स्थानीय भाजपा कार्यकर्ताओं के लिए दर्द का सबब बन गया है. हालांकि स्थानीय भाजपाई का यह दर्द अभी खुलकर सामने नहीं आ रहा है लेकिन दो दिनों के अंदर सोशल साइट पर आई कुछ पोस्ट भाजपा के स्थानीय कार्यकर्ताओं की टीस को बहुत हद तक बयां कर रही है. जरा इन पर नजर डालें….
भाजपा के जिला मंत्री रौशन भारती ने रविवार को फेसबुक वॉल पर लिखा कि “आज दो महारथियों का भाजपा परिवार में आगमन हुआ है, बड़ी खुशी की बात है पर मेरे समझ में यह बात नहीं आई कि इसमें भाजपा परिवार के सारे कार्यकर्ता किसलिए पहुंचे”. वहीं इसी पोस्ट में उन्होंने आगे लिखा है कि “अगर पार्टी में बड़े चेहरे की कमी थी तो शायद उसे पूरा कर लिया गया है.
लगे हाथ सम्राट चौधरी जी को बिहार में अपने पार्टी की ओर से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित कर दिया जाये”. उनकी इस पोस्ट पर जब एक फेसबुक यूजर ने सवाल दागा कि  भाजपा के समर्थित कार्यकर्ता क्या करेंगे? तो महामंत्री का जवाब आया कि “ताली बजायेंगे, हमलोग कार्यकर्ता है और ये लोग नेता. ये नचाएंगे और हमसब नाचेंगे”.दूसरी तरफ भाजपा के महामंत्री के इसी पोस्ट पर भाजपा के पूर्व विधायक चन्द्रमुखी देवी के पति सुशील गुप्ता का टिप्पणी कुछ यूं आई कि “भाजपा की भीड़ ने तो यही बताया कि आपको नेताओं की कमी थी.
मुख्यमंत्री नहीं तो कम से कम उनके संसदीय या विधान सभा क्षेत्र की घोषणा लगे हाथ कर देनी थी ताकि समर्पित कार्यकर्ताओं को आगे सोच-समझ कर और समर्पण करने में सहूलियत होती. हृदय से अपार कष्ट के साथ पार्टी को शुभकामनाएं!”

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