चिकित्सकों ने दी गर्मी में नमक-चीनी का घोल लेने की सलाह

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खगड़िया : चिलचिलाती धूप लोगों के लिए परेशानी पैदा करने लगी है. खासकर स्कूल से लौटते बच्चों की हालत खराब होने लगी है. स्थिति यहां तक बन आई है कि बगैर जरूरी काम के लोग घर भी निकलने से परहेज करने लगे हैं. वहीं चिकित्सकों की मानें तो बढ़ते तापमान को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है. शहर के जाने-माने महिला चिकित्सक डॉक्टर रजनी कुमारी एवं शिशु रोग विशेषज्ञ डॉक्टर सुनील कुमार ने कहा है कि गर्मी में बीमारियों का प्रकोप बढ़ जाता है और धूप में लू लगने का खतरा भी बना रहता है.
ऐसे में नमक-चीनी के घोल का सेवन लाभप्रद होता है. साथ ही उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे बच्चों को भोजन की मात्रा कम कर पानी की मात्रा बढ़ा देना चाहिए. नमक चीनी का घोल बनाकर पीना चाहिए. वहीं उन्होंने उपलब्ध माध्यमों के साथ घर को ठंडा रखने के लिए छत पर पानी डालने की भी बातें कही. साथ ही खिड़कियों व दरवाजों पर भीगा कपड़ा लटकाने की सलाह दी. वहीं उन्होंने धूप और धूल से छोटे बच्चों को बचाने की बात कहते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए. सदर अस्पताल के वरीय चिकित्सक डॉ पी के सिन्हा ने कहा है कि स्कूल गोइंग बच्चों को नाश्ता लेने के उपरांत ही स्कूल भेजना चाहिए.
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साथ ही उन्होंने स्कूल प्रबंधक को बच्चों को बीच-बीच में पानी पिलानेे की व्यवस्था करने की सलाह दी. उन्होंने धूप से काम करने वालों को बीच-बीच में छाया में आराम कर लेने की बातें भी कही. चक्कर या उल्टी आने की स्थिति में तुरंत हाथ एवं सर को ठंडा पानी से धोने की सलाह देते हुए छाता या मोटा कपड़ा के प्रयोग करने को भी कहा. इस मौसम में नमक-पानी का घोल लेने के साथ शुद्ध भोजन व मौसमी फल के सेवन पर भी उन्होंने बल दिया. खासकर मजदूर वर्ग के लोगों के लिए उन्होंने कहा कि मजदूर वर्ग और फील्ड में काम करने वाले कर्मी को मोटा तौलिया अवश्य व्यवहार करना चाहिए. साथ ही उन्होंने खाली पेट नहीं रहने की भी बातें कहीं.