तीन तलाक बिल के विरोध में मुस्लिम महिलाओं ने निकाला मौन जुलूस

 

खगड़िया: (विक्रम उपाध्याय) देश के विभिन्न हिस्सों की तरह जिले में भी मुस्लिम महिलाओं के द्वारा तीन तलाक बिल का विरोध शुरू हो चुका है. इस क्रम में शनिवार को जहां गोगरी अनुमंडल मुख्यालय में बिल का विरोध किया गया था. वहीं सोमवार को जिला मुख्यालय में भी इसकी तपिश देखी गई. पूर्व से घोषित कार्यक्रम के तहत शहर के जेएनकेटी स्टेडियम में मुस्लिम महिलाओं का जमावड़ा लगा. जिसमें मुस्लिम पुरुषों ने भी शिरकत करते हुए तीन तलाक बिल के खिलाफ अपनी आवाज को बुलंद किया.

स्टेडियम परिसर से मौन जुलूस के शक्ल में मुस्लिम महिलाएं व पुरुष शहर के विभिन्न मार्गों का भ्रमण कर विरोध प्रकट किया. इस दौरान मुस्लिम महिलाएं अपने मुंह पर पट्टी बांधी रही.पैदल भ्रमण के उपरांत मौन जुलूस में शामिल लोग समाहरणालय पहुंचे और मुख्यालय परिसर में घंटों धरना व प्रदर्शन किया गया.

मौके पर मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों ने केन्द्र सरकार से तीन तलाक विधेयक को वापस लेने की मांग को रखते हुए कहा कि जितने तलाक के मामले हिंदू धर्म में आते हैं उससे बहुत ही कम संख्या मुस्लिम धर्म में सामने आते हैं. ऐसे में सरकार द्वारा किया जा रहा मुस्लिम धर्म में हस्तक्षेप को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. वहीं कहा गया कि इस्लामी शरीयत पर मुसलमानों को गर्व है. मोदी सरकार एक तरफ महिलाओं के सम्मान की बात करते हैं और दूसरी तरफ मोदी जी खुद अपनी ही पत्नी के साथ इंसाफ नहीं कर पा रहें हैं. ऐसे में उन्हें मुस्लिम महिलाओं की फिक्र करने की  जरूरत नहीं है.

मौके पर मुस्लिम महिलाओं ने सरकार द्वारा तीन तलाक विधेयक वापस नहीं लेने की स्थिति में देशभर में आंदोलन तेज करने की बातें कही. मौके पर उपस्थित रुखसाना बेगम ने कहा कि मुस्लिम महिलाओं के लिए केंद्र की मोदी सरकार ने तीन तलाक लाया था. जिसका उद्देश्य मुस्लिम धर्म की आड़ में वर्षों से चली आ रही मुस्लिम महिलाओं के शोषण और दमन की दास्तान पर रोक लगाना था.

उस वक्त कई मुस्लिम महिला संगठनों ने जोरदार स्वागत भी किया था. लेकिन अब मामले के विभिन्न पहलुओं को समझते हुए मुस्लिम महिलाओं ने इस बिल का विरोध शुरू कर दिया है. धरना-प्रदर्शन के उपरांत मुस्लिम महिलाओं के द्वारा अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी कार्यालय को सौंपा गया.

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