ATM उगल रहा सिर्फ पर्ची, बैंकों में कैश की किल्लत, उपभोक्ता परेशान

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खगड़िया : जिले की विभिन्न बैंकों सहित एटीएम में कैश की किल्लत से एक बार फिर नोटबंदी जैसे हालात पैदा हो गया है. बैंक उपभोक्ताओं को अपने ही रूपयों के लिए बैंककर्मियों से आरजू-मिन्नते करनी पड़ रही है. बावजूद इसके उपभोक्ता को अपने ही खाते से जरूरत भर रूपये नहीं मिल रहे हैं. दूसरी तरफ विभिन्न बैंकों के जिले की एटीएम मशीनों के द्वारा भी कैश की किल्लत की वजह से सिर्फ पर्ची ही निकल पा रही है. कुछ एक एटीएम के द्वारा रूपये देने की खबरों के बीच वहां देखते ही देखते उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग जा रही है. लेकिन वहां भी घंटे दो घंटे में एटीएम की राशि खत्म होने के साथ उपभोक्ताओं को अपना सा मुंह लिए वापस लौट जाना पड़ रहा है.

सदर प्रखंड के मेहसौड़ी निवासी संजीव कुमार सिंह के बेटे की शादी इस माह के 30 तारीख को तय है. वहीं शुक्रवार को फलदान की रश्म भी अदा होनी है. लेकिन ऐन मौके पर बैंक व एटीएम के द्वारा दगा देने पर शादी की तैयारियों में उन्हें काफी परेशानियों का सामना कर पड़ रहा है. एक प्राइवेट कंपनी में काम करने वाले धीरज कुमार को अपनी बीमार मां को चिकित्सक से दिखाने के लिए बेगूसराय ले जाना है. लेकिन कैश की किल्लत ने उन्हें भी परेशान कर रखा है. मिस्टर वर्मा जो की मार्केटिंग क्षेत्र से नाता रखते हैं. एटीएम पर विश्वास कर कैश की कमी के बीच खगड़िया पहुंच तो गये लेकिन कैश की किल्लत झेल रहे यहां की एटीएम की हालात देख उनका माथा भी घूम गया है.

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ऐसा भी नहीं है कि बैंकों से निकासी नहीं हो रही है. लेकिन उपभोक्ताओं को उनके जरूरत के हिसाब से बैंककर्मी रूपये मुहैया नहीं करा रहे. बीमारी व शादी की वजह बताने पर निकासी की रकम थोड़ी बढाने की इजाजत बैंककर्मियों के द्वारा उपभोक्ताओं को जरूर दी जा रही है. लेकिन इसके लिए भी उपभोक्ताओं को बैंककर्मियों से आरजू-मिन्नतें करनी पड़ रही है. कैश के लिए किचकिच तो इन दिनों बैंकों में जैसे आम हो गई है. कई बैंकों द्वारा निकासी में चिल्लर का दिया जाना भी उपभोक्ताओं को रास नहीं आ रहा है.

एटीएम में कैश की किल्लतों के बीच बैंकों में आमदिनों से ज्यादा भीड़ नजर आ रही है. मामले पर कुछ बैंककर्मी नाम नहीं छापने की शर्त पर इतना ही बताते हैं कि आरबीआई से कैश नहीं आने की वजह से बैंक में स्थानीय उपभोक्ताओं के द्वारा जमा कराये जा रहे रूपयों से ही निकासी दी जा रही है. जिसकी वजह से कुछ दिनों से ऐसी समस्या से उपभोक्ताओं को जूझना पड़ रहा है. वहीं आरबीआई से कैश आने के बाद दो-तीन दिनों में समस्या का समाधान निकल आने की संभावना भी जताई जा रही है.

दूसरी तरफ बैंक व एटीएम में कैश की किल्लत पर विपक्ष के स्थानीय नेता इसे मोदी जी के कैश-लेस इंडिया बता चटखारै लेने से भी नहीं चूक रहे है. साथ ही इन व्यवस्थाओं पर आक्रोश भी व्यक्त किया जा रहा है. बहरहाल सदर सहित गोगरी अनुमंडल के विभिन्न बैंकों व एटीएम में कैश की किल्लत ने उपभोक्ताओं की परेशानी को बढा दिया है. जिसका प्रभाव स्थानीय बाजारों में भी साफ तौर पर देखा जा सकता है.जिला मुख्यालय के कई प्रमुख बैकों के एटीएम की भी कमोबेश ऐसी ही स्थिति है.

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