…तो क्या अपहृत बताये जा रहे कर्मचारी लगेज के साथ निकले थे पूरी तैयारी में

खगड़िया : सदर अंचल राजस्व कर्मचारी दिनेश दास अपहरण मामले का अनुसंधान के क्रम में पुलिस को जो प्रारंभिक सुराग मिले है वो बेहद ही चौकाने वाले हैं. जो मामले की दिशा बदलते हुए कर्मचारी केअपहरण होने की बातों पर ही बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है. गौरतलब है कि 26 जनवरी की सुबह राजस्व कर्मचारी ने अपनी पत्नी को फोन कर बताया था कि ‘वे खगड़िया जंक्शन अपने एक मित्र को राज्यरानी एक्सप्रेस ट्रेन में बिठाने के लिए आये हैं, जहां कुछ लोग उनका पीछा कर रहे हैं और उनकी जान को खतरा है”. इतना कह कर उन्होंने अपना फोन काट दिया था. जिसके बाद लापता हुए कर्मचारी के परिजनों ने उनके अपहरण का मामला नगर थाना में दर्ज कराया था.

घटना के सम्बन्ध में जब पुलिस के द्वारा जब उस समय के स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाला गया तो वे खगड़िया स्टेशन पर टिकट कटाते हुए पाये गये. वहीं उस वक्त वो अपनी पीठ पर एक बैग भी लटकाये हुए थे. मामले पर पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी के द्वारा बताया गया है कि सीसीटीवी फुटेज में राजस्व कर्मचारी की पहचान उनके भजीते के द्वारा की गई है. ऐसे में एक बड़ा सवाल खड़ा हो रहा है कि क्या अपहृत बताये जा रहे राजस्व कर्मचारी उस दिन अपने दोस्त को ट्रेन पर चढाने नहीं बल्कि खुद लैगेज के साथ पूरी तैयारी में कहीं जाने को स्टेशन पहुंचे थे?

अपह्रत कर्मचारी की पत्नी

दूसरी बात यदि उन्हें कहीं जाना ही था तो फिर उन्होंने अपनी पत्नी से दोस्त को ट्रेन में चढाने के लिए स्टेशन आने जैसी झूठी बातें क्यों बताई? उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी की सुबह राजस्व कर्मचारी के द्वारा अपनी पत्नी को मोबाइल पर खुद की जान खतरे में होने का अंतिम मैसेज 8.58 में भेजा गया था और उसके बाद उनका मोबाइल बंद हो गया. ये वो वक्त था जिसके पहले ही खगड़िया स्टेशन से उनके द्वारा बताई गई ट्रेन राज्यरानी एक्सप्रेस निकल चुकी थी. ऐसे में ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि उन्होंने अपना अंतिम मैसेज ट्रेन में सवार हो कर ही अपनी पत्नी को भेजा था.

 

इन तमाम बातों के बीच अब ऐसी भी चर्चाएं होने लगी है कि क्या राजस्व कर्मचारी की मंशा खुद का अपहरण हो जाने की दिखाने की रही थी?
उल्लेखनीय है कि घटना के बाद राजस्व कर्मचारी की पत्नी नीलू कुमारी के द्वारा बताया गया था कि विगत कुछ दिनों से वो अपनी नौकरी को लेकर काफी तनाव में थे. वहीं राजस्व कर्मचारी के द्वारा दिसंबर माह में अपने खाते से साढे तीन लाख रूपये की निकासी कर सरकारी खाते में जमा कराया गया था. मिली जानकारी के अनुसार उन्हें लगभग साढे चार लाख रूपये सरकारी खाते में और जमा करना था.

दिनेश दास (फाइल फोटो)

अबूझ पहेली बन गई है राजस्व कर्मचारी अपहरण कांड, अनशन पर बैठी पत्नी

दूसरी तरफ परिवार के लोगों की बीमारियों ने भी उनकी आर्थिक रूप से कमर तोड़ दी थी. बताया जाता है कि अपनी बच्ची की सर्जरी एवं सास के इलाज में मोटी रकम खर्च करना पड़ा था. वहीं विगत चार माह से उन्हें वेतन नहीं मिलने की बातें भी सामने आ रही है. बहरहाल राजस्व कर्मचारी के अपहरण का मामला दर्ज होने के बाद पुलिस अधीक्षक मीनू कुमारी के द्वारा सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी रामानंद सागर के नेतृत्व में कांड के अनुसंधान के लिए एसआईटी का गठन किया गया था. जिन्हें मामले का एक अहम व महत्वपूर्ण सुराग मिल चुका है और संभव है कि आने वाले दिनों में पुलिस द्वारा इस कांड का उद्भेदन किये जाने के साथ कुछ चौकाने वाले तथ्य भी सामने आ जाये. दूसरी तरफ अपहरण की खबरों के बीच उनकी पत्नी के आंखों के आंसू सूूखाये नहीं सूख रहे हैं. वहीं जिले के कर्मचारियों की बेचैनी भी दिन प्रतिदिन बढती जा रही है.